गाजा के पौने छह लाख फिलिस्तीनियों से भुखमरी बस एक कदम के फ़ासले पर-संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इज़राइल, फिलिस्तीनियों को सहायता पहुंचाने में बाधा डाल रहा है, जिसके कारण गाजा में करीब पौने छह लाख लोग भुखमरी से महज़ एक कदम दूर हैं।

गाजा के पौने छह लाख फिलिस्तीनियों से भुखमरी बस एक कदम के फ़ासले पर-संयुक्त राष्ट्र

इस बीच हजारों कलाकारों ने मांग की है कि इज़राइल को इस साल इटली के वेनिस में अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव प्रदर्शनी से बाहर रखा जाए। इसे नरसंहार का समर्थन करने के समान बताते हुए इन कलाकारों ने यह मांग की है।


अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र की ओर से यह चेतावनी ऐसे वक्त में आई है, जब गाजा में खाने के लिए इकट्ठा हुए फिलिस्तीनियों पर इज़रायली सेना की फायरिंग का वीडियो फुटेज वायरल हुआ था।

यह स्पष्ट नहीं है कि इन बेख़बर फ़िलिस्तीनी नागरिकों पर इज़रायली सेना की गोलीबारी में कितने लोग शहीद हुए और घायल हुए, लेकिन संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने कहा है कि इज़रायल “व्यवस्थित रूप से” फ़िलिस्तीनी लोगों तक सहायता पहुँचने से रोक रहा है।

वहीँ हजारों कलाकारों की मांग है कि इज़राइल को वेनिस में अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव प्रदर्शनी से बाहर रखा जाए। इसके लिए हजारों कलाकारों, क्यूरेटर और संग्रहालय निदेशकों ने इसे नरसंहार का समर्थन करने के समान बताते हुए मांग की है कि इस साल इटली के वेनिस में अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव से इज़राइल को बाहर रखा जाए।

द आर्ट नॉट जेनोसाइड ने कहा कि द्विवार्षिक, एक प्रमुख वैश्विक प्रदर्शनी ने दो साल पहले यूक्रेन में रूसी हस्तक्षेप के बाद रूसी सरकार से जुड़े लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन गाजा में चल रहे युद्ध के बावजूद, इज़राइल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

12,500 से अधिक लोगों द्वारा हस्ताक्षरित एक ऑनलाइन पत्र में एएनजीए ने कहा कि बिएननेल (Biennale) फिलिस्तीनियों पर इजरायल के अत्याचारों पर चुप है, हम इस दोहरे मानक से आश्चर्यचकित हैं। बिएननेल एक प्रमुख वैश्विक प्रदर्शनी है।

गाजा में खाद्य सुरक्षा पर सिक्युरिटी काउन्सिल की बैठक में यूनाइटेड नेशन ह्यूमेनिटेरियन एजेंसी के उप प्रमुख ने कहा कि फरवरी के अंत में गाजा में 5 लाख 76 हज़ार लोग अकाल से सिर्फ एक कदम की दूरी पर हैं।

संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के अनुसार, उत्तरी गाजा में दो वर्ष से कम उम्र के छह बच्चों में से एक गंभीर रूप से कुपोषित है, और यदि इसके बारे में कुछ नहीं किया गया, तो गाजा में व्यापक अकाल का खतरा है। नतीजे में पीड़ितों की संख्या में वृद्धि होगी।

वर्ल्ड बॉडी का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र सहायता समूहों को गाजा में आपूर्ति पहुंचाने में बढ़ती बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें सड़क बंद होना, यात्रा और संचार पर प्रतिबंध, अनावश्यक रूप से लंबी प्रक्रियाएं, टूटी सड़कें आदि शामिल हैं। इसमें बिखरी हुई जीवित बारूदी सुरंगे भी शामिल हैं।

इसके अलावा सहायता काफिलों को भी इजरायली सेना गोलाबारी का निशाना बनाती है, जिसके कारण जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना संभव नहीं हो पाता है, सहायता कर्मियों को भी इजरायली सेना द्वारा परेशान किया जाता है। ओसीएचए के मुताबिक, इजराइल ने ऐसी बाधाएं खड़ी करके गाजा तक सहायता पहुंचाना लगभग असंभव बना दिया है।

इटली के संस्कृति मंत्री ने एएनजीए के पत्र को अस्वीकार्य और शर्मनाक बताते हुए इसकी निंदा की और कहा कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और रचनात्मक कार्यों के लिए खतरा है।

बता दें कि 7 अक्टूबर 2023 के बाद से गाजा में इजरायल की बर्बर कार्रवाई की कलात्मक समुदाय समेत वैश्विक स्तर पर आलोचना हो रही है और इजरायली कार्रवाई को नरसंहार बताया जा रहा है और इसी आधार पर दक्षिण अफ्रीका ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में अपील करके इजराइल के खिलाफ केस दायर किया है।

गौरतलब है कि गाजा पर इजरायली हमला पांचवें महीने में प्रवेश कर गए हैं और इन हमलों में कम से कम 30 हज़ार फिलिस्तीनी शहीद हो गए हैं, जिनमें से ज्यादातर बच्चे और महिलाएं हैं।

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