गूगल पर नौ गुना बढ़ा राजनीतिक विज्ञापनों का ख़र्च, राज्यों में उत्तर प्रदेश टॉप पर

बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि गूगल पर दिए गए राजनीतिक विज्ञापनों पर किए जाने वाले खर्च में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा हुआ है। इसमें सबसे ख़ास और हैरान करने वाली बात यह है कि देश में उत्तर प्रदेश गूगल विज्ञापनों पर सबसे अधिक राशि खर्च करने वाला प्रदेश है।

गूगल पर नौ गुना बढ़ा राजनीतिक विज्ञापनों का ख़र्च, राज्यों में उत्तर प्रदेश टॉप पर

अखबार के अनुसार 17 मार्च तक के आंकड़ों पर नज़र डालें तो पता चलता है कि बीते तीन महीनों में 100 करोड़ रुपये के विज्ञापन दिए जा चुके हैं।

अखबार की रिपोर्ट में बताया है कि उत्तर प्रदेश में गूगल विज्ञापनों की राशि सबसे अधिक रही। इसके बाद ओडिशा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और गुजरात का नंबर है।

गूगल डेटा से पता चलता है कि इस समय भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी विज्ञापनदाता है। इस पार्टी ने 30.9 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। जबकि इसी अवधि में कांग्रेस ने 18.8 लाख रुपये खर्च किए।

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट से होने वाले खुलासे से पता चलता है कि खासकर राजनीतिक विज्ञापनों पर तीन महीने का खर्च मौजूदा मार्च महीने में अब तक लगभग 100 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह राशि मार्च 2023 की तुलना में खर्च किए गए 11 करोड़ रुपये से नौ गुना अधिक है।

गूगल की भाषा में उन विज्ञापनों को चुनावी विज्ञापन कहा जाता है जो किसी राजनीतिक दल, दल के सदस्य अथवा लोकसभा या विधानसभा मेंबर द्वारा दिखाए या चलाए जाते हैं।

गूगल विज्ञापनों पर खर्च की जाने वाली कुल राशि में वीडियो विज्ञापनों का प्रतिशत 86.4 था, इसके बाद फोटो के माध्यम से प्रस्तुत विज्ञापनों का प्रतिशत 13.6 रहा। टेक्स्ट यानी शब्दों में दिए गए विज्ञापनों की बात करें तो इसका खर्च न के बराबर था।

गौरतलब है कि गूगल पर राजनीतिक विज्ञापनों का डेटा संग्रह 2019 में शुरू हुआ था। तबसे विज्ञापनों पर लगातार तीन महीने का खर्च इस बार सबसे अधिक रहा है।

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