राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत रद्द किए जाने के बाद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लद्दाख वापस आ गए हैं। लद्दाख में ‘बहुत कुछ गलत हुआ’ है कहने वाले सोनम ने अपने आंदोलन को शांतिपूर्ण ढंग से जारी रखने की बात कही है। साथ ही उन्होंने सभी स्टेकहोल्डर्स के मद्य रचनात्मक बातचीत की उम्मीद जताई।
लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) के सदस्य और पर्यावरण कार्यकर्ता और सोनम वांगचुक जेल से रिहाई के बाद लेह पहुंचे। यहां उनका स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हुए। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह करते हुए कहा है कि लद्दाखी नेताओं के साथ आगामी वार्ता लद्दाख और केंद्र दोनों के लिए लाभकारी दृष्टिकोण पर आधारित हो।
सोनम वांगचुक ने यहां एक सभा को संबोधित करते हुए छठी अनुसूची या राज्य के दर्जे का जिक्र किए बिना गिव एंड टेक के फार्मूले को सामने रखा और कहा कि जरूरत पड़ने पर वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
सोनम वांगचुक को 26 सितंबर, 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत गिरफ्तार किया गया था और जोधपुर जेल में रखा गया था। पिछले सप्ताह, गृह मंत्रालय ने उनकी हिरासत रद्द करते हुए कहा कि सरकार लद्दाखके लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और उम्मीद है कि क्षेत्र से संबंधित मुद्दों का समाधान “रचनात्मक बातचीत और संवाद” के माध्यम से किया जाएगा। बातचीत का अंतिम दौर 4 फरवरी को हुआ, लेकिन वह निष्फल रहा। लद्दाखी नेताओं ने जल्द ही एक और दौर की बातचीत की मांग की है।
सोनम वांगचुक का स्वागत समारोह एलएबी ने आयोजित किया था। एलएबी कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के साथ मिलकर लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के लिए राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग कर रहा है।
सोनम वांगचुक ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा- ‘मेरी लड़ाई लद्दाख के लोगों, उसकी संस्कृति, पर्यावरण, उसकी नदियों, वनस्पतियों, जीव-जंतुओं और ग्लेशियरों के लिए थी। उनकी सफलता ही मेरी सफलता है।’
उन्होंने यह भी उम्मीद जताई है कि पिछले हादसे में न्याय मिलेगा और गिरफ्तार किए गए लोगों को भी रिहा किया जाएगा। यद् दिला दें कि पिछले साल 24 सितंबर को लेह में पुलिस फायरिंग में चार लोगों की मौत हो गई थी। इस दौरान लोग ‘लद्दाख के लिए न्याय’, ‘24 सितंबर के मामले वापस लो’ और ‘लद्दाख अपने शहीद नायकों को नहीं भूलेगा’ लिखे बैनर लिये हुए थे।
मीडिया रिपोर्ट्स में अपने आंदोलन को सोनम ने नए चरण में प्रवेश करने के साथ लचीले कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने 24 सितंबर की फायरिंग को एक गलती माना है और इसे सुधारने की कोशिश कर रही है।
वांगचुक ने अपने सभी पक्षों को ज़ाहिर किए बिना कहा कि आगामी बातचीत के बाद, लद्दाखी नेता फिर से देश भर के लोगों से संपर्क करेंगे और बताएंगे कि बातचीत का परिणाम दोनों पक्षों के लिए लाभकारी रहा या दोनों पक्षों के लिए हानिकारक।आगे सोनम ने यह भी कहा कि अब लद्दाखी नेता इस उम्मीद के साथ बातचीत में जाएंगे कि इसका परिणाम दोनों पक्षों के लिए लाभकारी हो।