SIMI सदस्यों के एनकाउंटर पर घिरी शिवराज सरकार, मानवाधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट

भोपाल। सेंट्रल जेल से फरार सिमी के 8 आतंकियों के एनकाउंटर पर राज्य के मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने 15 दिनों के अंदर पूरी घटना की रिपोर्ट जमा करने को कहा है। मानवाधिकार आयोग के पीआरओ एलआर सिसोदिया ने कहा कि वे वीडियो की भी जांच करेंगे। simi members encounter

तमाम विपक्षी पार्टियों ने भी इसकी न्यायिक जांच की मांग की है। एनकाउंटर का वीडियो सामने आने के बाद मध्य प्रदेश की शि‍वराज सिंह चौहान सरकार सवाल खड़े किये जा रहे हैं। वीडियो में गोली मारते और जेब से चाकू निकालने की तस्वीर दिख रही है, जिसके बाद आनन फानन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले की जांच एनआईए से कराने की घोषणा की है।

Bhopal Jail Break

कांग्रेस ने उठाए सवाल

एनकाउंटर मामले पर कांग्रेसी नेताओं ने सवाल उठाए हैं। सीनियर कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि सिमी कार्यकर्ता अत्यंत सुरक्षा वाली जेल से भाग गए और कुछ घंटे के अंदर उन्हें न केवल खोज लिया गया बल्कि एनकाउंटर दिया गया। अब उनसे पूछताछ नहीं की जा सकती, कोई सबूत नहीं है, उनके बयान रिकॉर्ड नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा, ‘मैं न्यायिक जांच की मांग कर रहा हूं। सरकार को भी पता चलना चाहिए कि वे किन परिस्थितियों में भागे।’ साथ ही राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी जांच की मांग की है, दिग्विजय एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए कहा कि आतंकी जेल से भागे या भगाए गए?

इसके अलावा एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भोपाल सेंट्रल जेल से सिमी सदस्यों के भागने और बाद में पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के गृह मंत्री और पुलिस के बयान किसी भी तर्कसंगत शख्स के गले नहीं उतर सकते। ओवैसी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट को इसपर जांच बिठानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जेल से फरार कैदी अच्छी तरह से कपड़े पहने कैसे हो सकते हैं? उनके पास तो हथियार भी नहीं थे, वो सिर्फ कुछ धातु की चीजें लिए हुए थे जो हथियार जैसी नहीं हो सकती हैं। हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने पूरी घटना को बेहद चौंकाने वाला बताया। simi members encounter

वाम दलों ने भी जांच की मांग की

वहीं मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने सोमवार को कथित तौर पर पुलिस मुठभेड़ में आठ सिमी आतंकवादियों की हत्या की न्यायिक जांच की मांग की है। माकपा की पोलित ब्यूरो की सदस्य बृंदा करात ने कहा कि सरकार की ओर से दिया गया बयान संदिग्ध है और अपने ही पूर्व बयानों से विरोधाभासी है। बृंदा ने कहा, ‘मारे गए सभी आतंकवादियों के खिलाफ अभी अदालत में मामला चल ही रहा था और उन्हें सिमी का आतंकवादी कहना और इस तरह मार देना कानून का उल्लंघन है।’ simi members encounter

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी मुठभेड़ की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में कराए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ये बेहद गंभीर मामला है। इसको लेकर केजरीवाल ने ट्वीट कर सवाल उठाया। वहीं AAP विधायक अलका लांबा ने भी मध्य प्रदेश पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया।

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