गुरुनानक जयंती यानी प्रकाश पर्व का उत्सव 4 से 13 नवंबर 2025 तक पाकिस्तान में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन पर 2100 सिख तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान जाने की अनुमति मिल गई है। यह जानकारी भारत में पाकिस्तानी हाई कमीशन की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की गई है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा जानकारी में लिखा गया है, “नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग ने श्री गुरु नानक देव जी के जन्मोत्सव में भाग लेने के लिए भारत के सिख तीर्थयात्रियों को 2100 से अधिक वीजा जारी किए हैं। यह उत्सव 4 से 13 नवंबर 2025 तक पाकिस्तान में आयोजित किया जाएगा।”
गौरतलब है कि इन तीर्थयात्रियों को 1974 में भारत और पाकिस्तान प्रोटोकॉल के तहत पाकिस्तान भेजा जाएगा। यह यात्री अटारी-वाघा बॉर्डर से होते हुए ननकाना साहिब और करतारपुर साहिब समेत तमाम पवित्र गुरुद्वारों का दर्शन करेंगे।
बताते चलें कि 2019 में करतारपुर कॉरिडोर सिख तीर्थयात्रियों के वीजा-मुक्त यात्रा के लिए खोला गया था। यहाँ से गुरुद्वारा दरबार साहिब तक पहुंचना आसान है। करतारपुर साहिब गुरुद्वारा का महत्व बहुत ज़्यादा है। भारत और पाकिस्तान के बीच 2019 में होने वाले खास समझौते के तहत भारतीय मूल के सभी तीर्थ यात्री इस कॉरिडोर का उपयोग कर सकते हैं।
यह गुरुद्वारा दोनों देशों के लिए इस कारण से महत्वपूर्ण है क्यूंकि, गुरु नानक देव ने इसी गुरुद्वारे में अपना आखिरी समय बिताया था। प्रकाश पर्व के मौके पर सिख श्रद्धालु भारत सरकार की अनुमति पर दर्शन के लिए यहां जाते हैं। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़े हैं।
याद दिला दें कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं। इस बीच पाकिस्तान के साथ भारत ने सिंधु जल समझौता रद्द कर दिया। भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया। ऐसे में इस यात्रा को सुरक्षा के नज़रिए से अहम माना जा रहा है।













