फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरने के बाद अंतरिक्ष पहुंचकर शुभांशु शुक्ला ने लाइव वीडियो कॉल किया। सभी को नमस्कार कहने के बाद शुभांशु ने बताया कि वह कैसा महसूस कर रहे हैं।

अंतरिक्ष पहुंचते ही वीडियो कॉल में कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने नमस्कार कहने के बाद अपना अनुभव साझा किया। इस समय शुभांशु अमरीका, पोलैंड और हंगरी के तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ गुरुवार सुबह स्पेस में पहुंच चुके हैं।
पृथ्वी से Axiom-4 स्पेस मिशन पर रवाना शुभांशु ने वीडियो कॉल में कहा, ”नमस्कार। मैं अब जीरो ग्रैविटी की आदत डाल रहा हूं। जैसे कोई बच्चा चलना सीख रहा हो या वह यह पता लगा रहा हो कि कैसे चलना है। मैं वाकई इस पल का आनंद ले रहा हूं। मुझे तिरंगा हमेशा याद दिलाता है कि आप सभी मेरे साथ हैं। भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम और आगामी गगनयान मिशन के लिए एक मजबूत कदम है। मैं चाहता हूं कि आप में से हर कोई इस मिशन का हिस्सा महसूस करे।”
शुभांशु शुक्ला की उड़ान बीते दिन भारतीय समयानुसार दोपहर 12 बजे फाल्कन 9 रॉकेट पर एक नए स्पेसएक्स ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में लॉन्च हुई थी। नासा ने एक अपडेट में जानकारी दी- “बुधवार को 2:31 बजे ईडीटी पर कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च होने के बाद स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की ओर बढ़ रहा है, जिसमें एक्सिओम मिशन 4 के चालक दल के चार सदस्य हैं।”
बताते चलें कि 41 साल बाद भारत से एक अंतरिक्ष यात्री फिर से अंतरिक्ष में है। शुभांशु शुक्ला से पहले 1984 में राकेश शर्मा अंतरिक्ष में पहुंचने वाले भारतीय हैं। इस मिशन में कमांडर पैगी व्हिटसन, पायलट शुभांशु शुक्ला और मिशन विशेषज्ञ स्लावोज उज्नान्स्की-विज्निएव्स्की और टिबोर कपू शामिल हैं। नासा ने कहा कि यह गुरुवार सुबह 7 बजे हार्मनी मॉड्यूल के अंतरिक्ष-सामने वाले पोर्ट पर डॉक करेगा।
आईएसएस जाते समय दिए गए संदेश में शुभांशु शुक्ला ने कहा- “नमस्ते, मेरे प्यारे देशवासियों। क्या सफर है। 41 साल बाद हम फिर से अंतरिक्ष में हैं। यह एक शानदार अनुभव है। हम 7.5 किलोमीटर प्रति सेकंड की गति से पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे है। यह केवल मेरी यात्रा नहीं है। मैं अपने साथ भारतीय तिरंगा ले जा रहा हूं।”
