वैज्ञानिकों ने एक अद्भुत इंजेक्शन विकसित किया है जो अल्ज़ाइमर से बचाव कर सकता है। यह मस्तिष्क के अंदर अनावश्यक पदार्थों को स्थानांतरित करके इस बीमारी से बचाव कर सकता है।

याददाश्त और सोचने की क्षमता को नष्ट करने वाली बीमारी अल्ज़ाइमर के बारे में अब वैज्ञानिकों का मानना है कि इसका उपचार अगले कुछ वर्षों में मनुष्यों के लिए कारगर साबित हो सकता है।
बताया जा रहा है कि वैज्ञानिकों ने चूहों पर इस इंजेक्शन का परीक्षण किया और इसे प्रभावी पाया। अब यह जल्द ही इसे मनुष्यों के लिए भी कारगर साबित किये जाने की तैयारी है।
पश्चिमी चीन के सिचुआन विश्वविद्यालय अस्पताल के वैज्ञानिक और अध्ययन के लेखक जिन यानचेंग कहते हैं- “इंजेक्शन लगाने के एक घंटे बाद ही हमने मस्तिष्क में विषाक्त पदार्थों की मात्रा में 50 से 60 प्रतिशत की कमी देखी।”
बताते चलें कि धीरे-धीरे याददाश्त और सोचने की क्षमता को नष्ट कर देने वाली बीमारी अल्ज़ाइमर, वर्तमान में एक लाइलाज बीमारी है। गौरतलब है कि इस समस्या से ब्रिटेन में छह मिलियन से अधिक लोग प्रभावित हैं।
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में किए गए एक अध्ययन के दौरान रक्त-मस्तिष्क अवरोध यानी कोशिकाओं की एक परत जो मस्तिष्क की रक्षा करती है, की मरम्मत की ताकि शरीर स्वाभाविक रूप से नुकसान पहुँचाने वाले प्रोटीन को साफ़ कर सके।
ऐसा माना जाता है कि अल्ज़ाइमर रोग में एमिलॉइड बीटा टॉक्सिन (विषाक्त पदार्थ) अनियंत्रित रूप से जमा हो जाते हैं और धीरे-धीरे मस्तिष्क की कोशिकाओं को नष्ट कर देते हैं। इसके परिणामस्वरूप मनोभ्रंश होता है। स्वस्थ लोगों में मस्तिष्क की रक्षा करने वाली कोशिकाओं की परत द्वारपाल का काम करती है, जबकि इस प्रक्रिया की गड़बड़ी से अल्जाइमर रोग हो सकता है।













