सऊदी अरब सरकार ने अपने हज संबंधी नियमों में बदलाव किया है। इस बार हज पर जाने वाले यात्री अगर अपनी यात्रा निरस्त करते हैं तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

हज कमेटी ऑफ इंडिया ने सऊदी अरब सरकार के नियमों में हुए बदलाव को अपने फैसले का कारण बताते हुए कहा है कि चयनित होने के बाद आवेदन रद्द नहीं किए जा सकेंगे। हज के लिए उड़ान के अंतिम समय में यदि कोई भी यात्री अपनी यात्रा निरस्त कराता है तो नियम के मुताबिक़, जमा की गई पूरी राशि जब्त कर ली जाएगी।
हज कमेटी ऑफ इंडिया ने सऊदी अरब सरकार के नियमों में हुए बदलाव के चलते हज के लिए चयनित होने के बाद आवेदन रद्द करने पर रोक लगा दी है। इसके अलावा अलग-अलग समय पर यात्रा निरस्त कराने पर हज कमेटी प्रति यात्री 5 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक शुल्क वसूल करेगी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़, राज्य हज कमेटी की ओर से कहा गया है कि सऊदी अरब सरकार द्वारा जारी निर्देशों के चलते इस बार हज यात्रा की प्रक्रिया जल्द शुरू की गई है। सऊदी अरब में यात्रियों की रिहाईश सहित अन्य सुविधाओं का शुल्क पहले ही जमा किया जाना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यात्रा निरस्त कराने पर जमा राशि की वापसी हज कमेटी ऑफ इंडिया को नहीं होगी। इसीलिए हज कमेटी ऑफ इंडिया ने कटौती का नियम बनाया है।
हज 2026 की गाइडलाइन द्वारा दी गई जानकारी में कहा गया है कि अगस्त में हज आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। वहीं, हज उड़ान का सिलसिला अप्रैल 2026 से शुरू होने की संभावना है। ऐसे में इस बार केवल असाधारण मामलों में ही हज यात्रा को निरस्त करने का अनुरोध स्वीकार किया जाएगा। इसके अलावा हज निरस्त कराने पर हज यात्रियों से शुल्क वसूल किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक़ चयन प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात 30 सितंबर 2025 तक यात्रा निरस्त कराने की दशा में 5 हजार रुपये जबकि पहली अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक 10 हजार रुपये वसूले जाएंगे। यदि 16 से 31 अक्टूबर तक यात्रा निरस्त की जाती है तो 15 हजार रुपये काटेंगे। पहली नवंबर से 15 नवंबर तक के लिए यह राशि 20 हजार रुपये जबकि 16 से 30 नवंबर तक के लिए 25 हजार रुपये रखी गई है। पहली दिसंबर से 15 दिसंबर तक काटी जाने वाली राशि 30 हजार रुपये जबकि 16 से 31 दिसंबर 2025 तक 35 हजार रुपये वसूले जाएंगे।
नियम के अनुसार, पहली जनवरी से 15 जनवरी 2026 तक 50 हजार रुपये और 16 से 31 जनवरी 2026 तक एक लाख रुपये निरस्तीकरण शुल्क वसूल किया जाएगा। इसके अलावा 31 जनवरी 2026 के बाद यात्रा निरस्त किए जाने की दशा में यात्रियों की हज के लिए जमा की गई पूरी राशि जब्त किए जाने का नियम है।
जिन मामलों को छूट के दायरे में रखा गया है उनमे हज यात्री की मृत्यु होने, सरकारी चिकित्सा अधिकारियों की ओर से प्रमाणित गंभीर बीमारी अथवा गर्भावस्था की अधिक अवधि के चलते यात्रा निरस्त कराई जा सकेगी। इसके लिए राज्य हज कमेटी की अनुशंसा पर जमा राशि में केवल 2,300 रुपये की कटौती होगी। साथ ही जाने वाले हज यात्रियों के निरस्तीकरण पर 5 हजार रुपये की कटौती होगी।














