क्यूबा के तट के पास अटलांटिक महासागर की गहराई में एक संभावित प्राचीन डूबा हुआ शहर मिला है। इस तलाश ने पुरातत्वविदों और वैज्ञानिकों को एक नई खोज शुरू करने के लिए प्रेरित किया है।

क्यूबा के तट पर मिले शहर पर ‘द सन’ की रिपोर्ट का कहना है कि इस बारे में क़यास लगाया जा रहा है कि यह मिस्र के पिरामिडों से भी पुराना हो सकता है। यह शहर समुद्र की सतह से 2,000 फीट नीचे स्थित है और पत्थर की संरचनाओं से बना है।
कनाडाई समुद्री इंजीनियर पॉलिना ज़ेलिट्स्की और उनकी टीम क्यूबा के समुद्र तल का मानचित्रण करते समय सोनार चित्र प्राप्त करने में सफल रहीं, जिनमें सड़कों और इमारतों जैसी संरचनाएँ साफ तौर पर दिखाई दे रही थीं, जो एक विकसित शहर की उपस्थिति का संकेत देती हैं। कहा जाता है कि ये संरचनाएँ लगभग 2,000 फीट गहरी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संभावित शहर 6,000 साल से भी ज़्यादा पुराना हो सकता है। अगर यह बात यही है तो कह सकते हैं कि यह मिस्र के पिरामिडों से भी पुराना है।
इस खोज ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जैसे कि यह शहर किसने और कब बनाया, और यह कैसे पानी में डूब गया। कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि यह शहर इंसानों द्वारा बनाया गया था, जबकि कुछ विशेषज्ञों के अनुसार, ये संरचनाएँ प्राकृतिक भूवैज्ञानिक संरचनाएँ हो सकती हैं, जो समुद्री लहरों और प्राकृतिक दबाव के कारण मानव निर्मित प्रतीत होती हैं।
इस खोज पर वैज्ञानिकों के एक पक्ष का मानना है कि यह शहर 50,000 साल पहले समुद्र में डूबा होगा, जो कि इंसानी सभ्यता के इतिहास को फिर से लिखने जैसा है। अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के मुताबिक़, यह खोज कनाडाई समुद्री इंजीनियरों पॉलिना ज़ेलिट्स्की और पॉल वेन्ज़वेग ने दो दशक पहले की थी, लेकिन हाल ही में फिर से चर्चा में आई है।
जहाँ एक ओर यह खोज मानव इतिहास और सभ्यता के बारे में हमारी समझ को चुनौती देती है, वहीँ यह सुझाव भी देती है कि समुद्र के नीचे अभी भी कई रहस्य छिपे हो सकते हैं। हालाँकि इस खोज को लेकर शुरुआती रिपोर्ट ने दुनिया भर में दिलचस्पी जगाई, लेकिन जल्द ही वैज्ञानिक हलकों में संदेह पैदा हो गया।इस खोज पर विशेषज्ञों ने सवाल उठाया कि एक प्राचीन शहर इतनी गहराई में कैसे डूब सकता है?
अभी तक इस खोज को लेकर कोई बड़ी पुष्टि नहीं की गई है। गहरे समुद्र में जाकर जांच करना एक बेहद मुश्किल और महंगा काम है। इस संबंध में मशहूर अमरीकी समुद्री वैज्ञानिक सिल्विया एरल ने 2002 में यहां एक डाइविंग मिशन की योजना बनाई थी, लेकिन फंडिंग और अनुमति की दिक्कतों के चलते मिशन अधूरा रह गया। हालांकि सोशल मीडिया पर कई लोग इसे ‘अटलांटिस’ जैसे किसी खोए हुए शहर से जोड़ रहे हैं। कुछ लोग तो यह भी दावा कर रहे हैं कि इतिहास में हमें जो बताया गया है, वो अधूरा या गलत हो सकता है।
क्यूबा के तट पर पानी के नीचे मिली संरचना ने ऐसे ही कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जैसे कि यह शहर किसने और कब बनाया, और यह कैसे पानी में डूब गया। उम्मीद है आने वाला समय इन सवालों से पर्दा हटाएगा।
