छात्रों का समर्थन करते हुए राहुल गांधी की सरकार से पांच मांगें

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार के सामने पांच मांगें रखी हैं। सोशल मीडिया पर जारी यह वीडियो छत्रसाल स्टेडियम में हिरासत के दौरान शूट किया गया है।


राहुल गांधी सहित प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव के साथ कई विपक्षी नेता बीते दिन दिल्ली में छात्रों की बर्बर पिटाई के खिलाफ प्रधानमंत्री मोदी के आवास के पास धरने पर बैठे थे। इन लोगों को यहाँ सेगिरफ्तार कर लिया गया था। राहुल गांधी ने लोगों से धरने में शामिल होने की अपील की और कहा कि हर देशभक्त प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों।

इस वीडियो को उन्होंने एक्स पर साझा किया है। राहुल गांधी ने वीडियो में बताया कि उन्होंने पीएम आवास के बाहर धरना देने का फ़ैसला क्यों किया। राहुल के सवाल और पांच मांगें इस तरह हैं-
गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा।
जिन लोगों ने छात्रों को मारा और बेइज़्ज़त किया, उन पर कार्रवाई की जाए।
छात्रों पर जो केस हैं, उन्हें हटाया जाए।
सदन में इस मुद्दे पर बहस हो।
मोदी जी की सरकार और उनके गृह मंत्री ने छात्रों के साथ जो बर्ताव किया, उसके लिए वे देश से माफ़ी मांगें।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है। प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे – नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं। मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए – प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों। भारत के छात्रों की आवाज़ को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”

राहुल गांधी ने सवाल उठाए “शिक्षा व्यवस्था क्यों बर्बाद हो रही है? पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? भारत में शिक्षा क्यों इतनी महंगी है? बच्चों को पढ़ाने के लिए लोग वित्तीय रूप से बर्बाद क्यों हो जाते हैं? ऐसे सवाल पूछने में तो कोई हर्ज नहीं होना चाहिए।”

राहुल गांधी ने अपने वीडियो में बताथा या कि उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाक़ात करके छात्रों के मुद्दे पर सदन में बहस की मांग की। जवाब में स्पीकर का कहना था कि उन्हें सरकार की अनुमति चाहिए होगी।

इस पर राहुल गांधी ने कहा, “जब मुझे दिन में सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं दिखा, तो उसके बाद हमने पीएम आवास के बाहर धरना देने का फ़ैसला किया, ताकि हम छात्रों के साथ जो हो रहा है, उस ओर देश का ध्यान दिला सकें।”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस पूरी घटना पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दे रहे कांग्रेस और विपक्षी दलों के सांसदों को पुलिस ने घसीटकर हिरासत में लिया और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी बलपूर्वक वहां से ले जाया गया।

खड़गे ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए कहा, ‘तानाशाह सरकार डर कर कांप रही है’’ और सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर करोड़ों बच्चों का भविष्य बिगाड़ दिया। खड़गे ने सवाल किया, ‘‘ये कौन सा लोकतंत्र है?’’

दूसरी तरफ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल करके संसद के मॉनसून सत्र में रुकावट डालना चाहते हैं। उन्होंने मंगलवार देर रात एक्स के माध्यम से यह भी कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के घर के बाहर धरना दिया, जिससे आम लोगों को परेशानी हुई।

धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि सरकार ने पूरी चर्चा के लिए अपनी तैयारी साफ़ कर दी थी। इसके बाद भी कांग्रेस ने लोकतांत्रिक बहस की जगह राजनीतिक प्रदर्शन को चुना। उन्होंने इसे छात्रों की समस्या का हल नहीं बल्कि राजनीतिक सुर्ख़ियां बटोरने के लिए रुकावट पैदा करना बताया।

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