अंटार्कटिका की पानी के नीचे की दुनिया का एक बड़ा हिस्सा अभी भी अनजाना है। भविष्य के अभियानों में महाद्वीप की विशाल बर्फ की परतों के नीचे और भी छिपे हुए इकोसिस्टम का पता चलने की संभावना है।
अंटार्कटिका की आइस शेल्फ़ की गहराई में की गई खोज से पता चला है कि पानी के नीचे छिपे एक विशाल शहर है। एक रोबोट द्वारा की गई पड़ताल से इस शहर के अस्तित्व की पुष्टि हुई है।
टाइम्स और इंडिया की एक खबर के मुताबिक़, यह विशाल प्रजनन कॉलोनी दक्षिणी वेडेल सागर में फ़िल्चनर आइस शेल्फ़ के नीचे स्थित है, जो पृथ्वी के सबसे दूरस्थ और दुर्गम समुद्री इलाकों में से एक है।
इस कॉलोनी की पहचान सबसे पहले 2021 में अल्फ्रेड वेगेनर इंस्टीट्यूट (AWI), हेल्महोल्ट्ज़ सेंटर फ़ॉर पोलर एंड मरीन रिसर्च के डॉ. ऑटुन पर्सर के नेतृत्व में किए गए एक अभियान के दौरान हुई थी, जिसमें ओशन फ़्लोर ऑब्ज़र्वेशन एंड बाथिमेट्री सिस्टम (OFOBS) का इस्तेमाल किया गया था।
अंटार्कटिका की सैकड़ों मीटर बर्फ के नीचे धरती का एक बहुत ही अनोखा वाइल्डलाइफ़ नज़ारा छिपा है। फ़िल्चनर आइस शेल्फ़ में ड्रिलिंग करने के बाद, वैज्ञानिकों ने नीचे के अंधेरे पानी में एक ऑटोनॉमस अंडरवाटर रोबोट भेजा। वहाँ उन्हें एक ऐसी चीज़ दिखी जिसे पानी के नीचे बसा एक शहर ही कहा जा सकता है।
रिपोर्ट बताती है कि यह प्रजनन करने वाली जीवों की एक बहुत बड़ी कॉलोनी थी जो लगभग ऑरलैंडो, फ़्लोरिडा जितनी बड़ी जगह में फैली हुई थी। समुद्र की तलहटी में लगभग 6 करोड़ घोंसले फैले हुए थे, जिन्हें पारदर्शी और एंटीफ़्रीज़-ब्लड (ठंड में न जमने वाले खून) वाली अंटार्कटिक आइसफ़िश ने बहुत सावधानी से बनाया था और उनकी सुरक्षा कर रही थीं।
यह शानदार नर्सरी जीवित रहने के लिए लगातार संघर्ष का भी गवाह बनती है, क्योंकि भूखी वेडेल सील प्रजनन के मौसम को शिकार के एक खतरनाक मैदान में बदल देती हैं। इस खोज से वैज्ञानिक अंटार्कटिका के छिपे हुए इकोसिस्टम और दक्षिणी महासागर के लिए उनके महत्व को नए नज़रिए से देख पा रहे हैं।