नाटो सदस्यों के बीच यूक्रेन की सदस्यता का मुद्दा दरार की वजह बन सकता है

लिथुआनिया की राजधानी विनियस में 11-12 जुलाई को नाटो शिखर सम्मेलन होना है। नाटो में यूक्रेन की सदस्यता के मुद्दे पर सदस्यों के बीच मतभेद पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का कहना है कि यूक्रेन अभी नाटो की सदस्यता के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि कीव पर चल रहे रूसी आक्रमण की समाप्ति के बाद ही सैन्य गठबंधन युद्धग्रस्त राष्ट्र को इसमें शामिल करने पर विचार कर सकता है।

नाटो सदस्यों के बीच यूक्रेन की सदस्यता का मुद्दा दरार की वजह बन सकता है

लिथुआनिया की राजधानी विनियस में 11-12 जुलाई को नाटो का शिखर सम्मेलन होना है। रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन यानी नाटो के लिए यूक्रेन की सदस्यता एक बड़ी चुनौती होगी। बीते वर्ष यूक्रेन को नाटो की सदस्यता दिए जाने की बात सामने आई थी।

यूक्रेन को सदस्यता दिए जाने पर कुछ सदस्यों का मानना है कि इससे पूर्वी यूरोप में रूसी आक्रामकता को रोकने में सहायता मिलेगी। हालाँकि कुछ सदस्य इस बात से आशंकित हैं कि इससे युद्ध और व्यापक हो सकता है। ऐसे में कई जानकार मान रहे हैं कि यूक्रेन की सदस्यता का मुद्दा नाटो सदस्यों के बीच दरार की वजह बन सकता है।

विश्व के सबसे बड़े सुरक्षा गठबंधन नाटो को इस समय 32वें सदस्य के रूप में स्वीडन को शामिल करने के लिए सहमति प्राप्त करने में काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। अमरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन के मुताबिक़ यूक्रेन को नाटो में शामिल कराने पर सदस्य देशों को ध्यान देना चाहिए।

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