मुंबई में कोरोना से मरे अपनों का शव नहीं ले रहे लोग

देश में कोरोना का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बने मुंबई शहर के अस्पतालों में व्यवस्थाओं की हालत बदतर होती जा रही है। एक ओर जहां कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, वहीं मुंबई के केईएम अस्पताल में कोरोना के कारण जान गंवाने वाले 12 मरीजों के शव लावारिस हालत में पड़े हैं।

समस्या ये है कि अस्पताल के शवगृह में सिर्फ 36 मरीजों को रखने की जगह है, लेकिन कोरोना के डर से मृत मरीजों के परिजन शवों को ले जाने को तैयार नहीं हैं। केईएम अस्पताल में कुछ शव ऐसे भी हैं, जिन्हें ले जाने के लिए तीन हफ्ते से कोई भी नहीं आया है।

अस्पताल में हो रही बुरी स्थितियों को देखते हुए केईएम अस्पताल के अधिकारियों ने बुधवार को मुंबई पुलिस से अनुरोध किया है कि वह इन मरीजों का अंतिम संस्कार कराने में उनकी मदद करें।

ये अनुरोध उस दिन किया गया है, जबकि बुधवार को मुंबई में एक साथ 97 लोगों की कोरोना के कारण मौत हुई है। मुंबई में अब तक 1855 लोग जान गंवा चुके हैं, वहीं शहर में पॉजिटिव मरीजों की कुल संख्या 52.445 हो गई है। राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, कोरोना के मरीज की मौत के बाद उसके शव को 30 मिनट के भीतर परिवार को सौंप देना होता है। इसके अलावा कोई अगर शव पर दावा ना करे तो उसे 48 घंटे तक रखने के बाद पूरी प्रक्रिया के साथ अंतिम संस्कार कराया जाता है।

फरेंसिक विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि केईएम अस्पताल में हर रोज 10 लोगों की मौत हो रही है और यहां के शवगृह में सिर्फ 36 शवों को एक साथ रखा जा सकता है। ऐसे में अस्पताल में शवों को रखने की जगह नहीं है। इसी कमी के कारण हाल ही में कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आई थीं, जहां पर हॉस्पिटल के कॉरिडोर में कई कोरोना मरीजों के शव पड़े दिखे थे।

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