पेरिस ओलंपिक 2024: बाधादौड़ के फ़ाइनल में पहुंचने वाले अविनाश साबले का सफर बहुत संघर्ष भरा है

पेरिस ओलंपिक 2024 में भारतीय एथलीट अविनाश साबले ने पांचवें स्थान पर रहकर 3000 मीटर स्टीपलचेज फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है। ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय पुरुष बन गए हैं।

पेरिस ओलंपिक 2024: बाधादौड़ के फ़ाइनल में पहुंचने वाले अविनाश साबले का सफर बहुत संघर्ष भरा है।

अविनाश साबले अपनी हीट में पांचवें स्थान पर आने के बावजूद 3000 मीटर स्टीपलचेज फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय पुरुष बन चुके हैं।

अविनाश ने दूसरे हीट में 8:15.43 मिनट का समय लेकर पांचवां स्थान हासिल किया और फाइनल राउंड में अपनी जगह बनाई।

खेल के नियम के मुताबिक़ स्टीपलचेज़ में फ़ाइनल के लिए तीन रेस यानी हीट होती हैं। प्रत्येक रेस से पांच एथलीट फ़ाइनल में प्रवेश करते हैं। इस तरह फ़ाइनल में पहुंचने वाले एथलीट की संख्या 15 होती है।

बताते चलें कि साबले का हीट टाइमिंग उनके सर्वश्रेष्ठ प्रयास 8:09.91 मिनट से काफी रहा। उनका ये स्कोर पिछले महीने पेरिस डायमंड लीग में दर्ज है।

मोरक्को के मोहम्मद टिंडौफ्ट 8:10.62 मिनट के साथ विजेता रहे जबकि इथियोपिया के सैमुअल फ़िरेवु 8:11.61 मिनट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। केन्या के अब्राहम किबिवोट 8:12.02 मिनट के साथ तीसरे स्थान पर रहे, जबकि 8:12.41 मिनट का समय लेने वाले जापान के रयुजी मिउरा चौथे स्थान पर रहे।

शीर्ष स्थान पर रहने वाले एथलीटों को ही स्वतः योग्यता प्राप्त होगी जबकि शेष सभी को रेपेचेज हीट में भाग लेकर सेमीफाइनल के लिए जगह बनाने का दूसरा मौका मिलेगा।

खेल के दौरान भारत ने पहले दो लैप में बढ़त बनाई, लेकिन फाइनल राउंड के लिए क्वालीफाई करने उसकी रफ़्तार कम रही लेकिन अभी भी वह अग्रणी समूह से बाहर नहीं हुआ है।

भारत के अविनाश साबले फ़ाइनल में जगह बना चुके हैं और देश को उनसे अब मेडल की उम्मीद है। अविनाश एक बेहद गरीब परिवार से आते हैं। अविनाश के माता-पिता ईंट भट्टे पर काम करते हैं। परिवार में तीन भाई-बहनों में अविनाश सबसे बड़े हैं और उनका यहाँ तक का सफर बेहद संघषों भरा है।

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