लखनऊः पद्मश्री साहित्यकार और इतिहासकार योगेश प्रवीण जी भी हम सबको अलविदा कह गए। योगेश प्रवीण की को सांस लेने में शिकायत हो रही थी और आज दोपहर तबियत ज़्यादा खराब हो गई। उनके लिए एंबुलेंस नहीं मिल सकी और ये असुविधा उनकी मृत्यु का कारण बनी।

योगेश जी की आयु 84 वर्ष थी। उनको 2019 में पद्मश्री से नवाजा गया था।
#LucknowNews #UttarPradeshNews #YogeshPraveenhttps://t.co/5Gjgb18OF1
— Amar Ujala Uttar Pradesh (@AU_UPNews) April 12, 2021
लखनऊ से जुड़ी जानकारियों ने उन्हें इतना खास बना दिया था की उन्हें दुनिया में पहचान मिली। कई अखबार और कॉलम में उनकी कई सिरीज़ प्रकाशित हुईं। उन्हें साल 2020 में गणतंत्र दिवस के मौके पर पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया था। वे लखनऊ शहर के इतिहास और संस्कृति पर कई किताबें लिखी हैं। लखनऊ का चप्पा- चप्पा उन्हें खुद अपने लेखन से किताब की शक्ल में उतारा है।
योगेश प्रवीण के निधन की पुष्टि उनके छोटे भाई कामेश श्रीवास्तव ने की है। योगेश प्रवीण ने लखनऊ के इतिहास पर विशेष काम किया है।
