निर्वाचन आयोग ने देश के 12 राज्यों में मतदाता सूचियों के एसआईआर के दूसरे चरण की घोषणा की है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इस गणना प्रक्रिया के बाद 9 दिसंबर को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन होगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी, 2026 को जारी की जाएगी।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की घोषणा करते हुए चुनाव आयुक्त का कहना था कि ड्राफ्ट रोल 8 दिसंबर, 2025 को प्रकाशित किए जाएंगे, और 9 दिसंबर से 8 जनवरी के बीच दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। सुनवाई 31 जनवरी तक चलेगी और अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी, 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
एसआईआर के पहले चरण का बिहार में शून्य अपील के साथ पूरा होने की जानकारी देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि मौजूदा एसआईआर स्वतंत्रता के बाद से ऐसी नौवीं कवायद है। गौरतलब है कि पिछला एसआईआर 21 वर्ष पहले 2002-04 में हुआ था।
एसआईआर के अगले चरण के लिए जिन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का चयन हुआ है, वे हैं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गोवा, पुडुचेरी, छत्तीसगढ़, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप।’
दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने चुनाव आयोग द्वारा देश के 12 राज्यों में 4 नवंबर से एसआईआर कराने की घोषणा पर सवाल उठाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस का कहना है कि 12 राज्यों में होने वाला एसआईआर लोकतंत्र के खिलाफ एक साजिश है। जनता के अधिकारों को छीनने का षड्यंत्र है।
आयोग द्वारा 12 राज्यों में एसआईआर की घोषणा पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि अभी तक बिहार में हुए एसआईआर से जुड़े सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। उन्होंने सारे मामलों के बीच चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर करवाने को संदेह के घेरे में बताया है।
एक्स पर अपनी बात में कांग्रेस ने कहा, “चुनाव आयोग अब 12 राज्यों में ‘वोट चोरी’ का खेल खेलने जा रहा है। एसआईआर के नाम पर बिहार में 69 लाख वोट काटे गए। अब 12 राज्यों में करोड़ों वोट काटे जाएंगे। यह खुले तौर पर ‘वोट चोरी’ है, जो नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग साथ मिलकर कर रहे हैं। बिहार में जब एसआईआर हुआ तो देश के सामने चुनाव आयोग की चोरी खुलकर सामने आ गई। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने इसे लेकर चुनाव आयोग को फटकार भी लगाई थी।”
एसएआर पर पवन खेड़ा ने आगे यह भी कहा कहा कि एसआईआर के लिए चुनाव आयोग के कर्मचारी हर घर जाते हैं, नए वोटरों को जोड़ते हैं और जिन्हें डिलीट करना होता है, उन्हें डिलीट करते हैं। राहुल गांधी जी के आलंद विधानसभा से जुड़े ‘वोट चोरी’ के खुलासे के बाद एसआईटी ने बताया है कि वोटर लिस्ट से नाम काटने का एक सेंट्रलाइज्ड ऑपरेशन किया जा रहा था। चुनाव आयोग द्वारा इन सारे मामलों के बीच एसआईआर करवाने को ने को उन्होंने संदेह के घेरे में बताया और यह भी कहा कि मंशा ठीक नहीं लगती। साथ ही उन्होंने विपक्ष और वोटर- दोनों को संतुष्ट बताया।













