इस बार विपक्ष ने बैंकों में बचत खाते पर ब्याज दर कम होने को मुद्दा बनाने हुए केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।

मंगलवार को कांग्रेस ने इस संबंध में एक खबर का हवाला देते हुए सरकार पर ‘‘अर्थव्यवस्था का बंटाधार करने’’ का आरोप लगाया और कहा कि यह जनता के साथ अन्याय है।
कांग्रसे महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट लिखा है कि बचत खातों से मिलने वाली ब्याज दरें 25 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे बुजुर्गों और आम नागरिकों की जेब पर सीधा वार हो रहा है।”
आगे जयराम रमेश ने आरोप में कहा है कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का बंटाधार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने नोटबंदी को एक प्रयोग बताया और कहा कि इस शुरुआत के साथ देश के लोगों पर हर साल नए प्रयोग किए गए हैं। उनके मुताबिक़, इन नए तरीकों से जनता को प्रताड़ित किया जा रहा है।
विपक्षी नेता ने अपनी बात में यह भी कहा कि देश की जनता की ख़ुशहाली प्रधानमंत्री की पहली ज़िम्मेदारी है उन्होंने केवल अपने मित्र पूंजीपतियों की संपत्ति को बढ़ाने के लिए देश की जनता के धन को शेयर बाजार के माध्यम से उनकी कंपनियों की ओर ही मोड़ने का काम किया है।
जयराम रमेश ने इसे देश की जनता के प्रति बहुत बड़ा अन्याय और धोखा बताया। उन्होंने यह दावा भी किया कि बैंकों ने अपने दरवाज़े पहले ही आम लोगों के लिए बंद कर दिए हैं साथ ही उन्होंने यह सुविधाएं केवल बेहद अमीर पूंजीपति मित्रों के लिए ही उपलब्ध कराए जाने की बात भी कही।














