मणिपुर के वायरल वीडियो पर विपक्ष आक्रामक, सरकार द्वारा इसे सोशल मीडिया पर शेयर करने की मनाही

मणिपुर में बीते तीन महीने से हिंसा जारी है। इस हिंसा में तकरीबन 120 लोगों की मौत हुई है। इस दौरान यहाँ से एक शर्मनाक वीडियो वायरल हुआ है। इस मामले पर आदिवासी संगठन इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

मणिपुर के वायरल वीडियो पर विपक्ष आक्रामक, सरकार द्वारा इसे सोशल मीडिया पर शेयर करने की मनाही

मणिपुर में दो महिलाओं के साथ ज़्यादती के बाद उनकी वायरल वीडियो के मामले पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने इसे सोशल मीडिया पर शेयर न करने के आदेश दिए हैं। दूसरी ओर विपक्ष मणिपुर के हालत सहित इस मामले पर लगातार केंद्र पर निशाना साध रहा है।

मणिपुर में दो महिलाओं के साथ होने वाले शर्मनाक हरकत वाले वीडियो को सरकार ने ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर नहीं करने का आदेश दिया है। साथ ही सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कानूनों का पालन करने को कहा है।

बीते तीन माह से मणिपुर जातीय हिंसा की चपेट में है। इसी दौरान जारी होने वाले एक शर्मनाक वीडियो से इलाक़े के पहाड़ी क्षेत्रों में तनाव बढ़ गया है। आदिवासी संगठन इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम ने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

मामले पर विपक्ष के प्रमुख नेता राहुल गाँधी ने ट्वीट करते हुए कहा है कि हम मणिपुर के लोगों के साथ खड़े हैं। शांति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है। प्रियंका गांधी ने अपनी बात कटे हुए सवाल किया है कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मणिपुर की हिंसक घटनाओं पर आंख मूंद कर क्यों बैठे हैं? उन्होंने आगे पूछा है कि क्या इस तरह की तस्वीरें और हिंसक घटनाएं उन्हें विचलित नहीं करतीं?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वायरल वीडियो चार मई का है और इसमें दिखाई जाने वाली दोनों महिलाएं कुकी समुदाय की हैं।महिलाओं के साथ ज़्यादती करने वाले लोग मैतई समुदाय से बताये गए हैं।

इस घटना को लेकर विपक्ष सक्रिय और आक्रामक नज़र आ रहा है। मामले पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने पुछा है कि मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को कब बदला जाएगा।
साथ ही ये सवाल उठाया है कि नरेंद्र मोदी सरकार ‘सब ठीक है’ की तरह व्यवहार करना कब बंद करेगी?

मामले पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि इंटरनेट बंद होने के कारण देश के लोगों का जरा भी अंदाजा नहीं था कि मणिपुर में इतनी भयानक घटना घटी है।

अपने सवालों में उन्होंने ये भी जानना चाहा है कि सरकार दिखावा कब बंद करेगी? मणिपुर के मुख्यमंत्री को कब हटाया जाएगा? ऐसी और कितनी घटनाओं को दबाया गया है? जयराम रमेश ने आगे कहा कि आज से मानसून सत्र शुरू हो रहा है। प्रधानमंत्री से चुप्पी तोड़ने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में INDIA जवाब मांगेगा।

गौरतलब है कि आज से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में मणिपुर में हुई हिंसा को लेकर चर्चा होगी। केंद्र सरकार की बुधवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने मणिपुर का मामला उठाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *