एक नहीं तीन दिल का मालिक होता है ऑक्टोपस

ऑक्टोपस एक ऐसा प्राणी है जिसके शरीर में तीन दिल होते हैं। विज्ञान इसे एक जैविक चमत्कार के रूप में देखता है। इस हिसाब से देखा जाए तो ऑक्टोपस को दिलदारी के मामले में बाक़ी जीवों से तीन गुना ज़्यादा महत्व मिलना चाहिए।

एक नहीं तीन दिल का मालिक होता है ऑक्टोपस

तीन दिलों के मालिक ऑक्टोपस की शारीरिकी वैज्ञानिकों को खासा हैरान करती है। यह सवाल हमेशा इन जानकारों के साथ रहा है कि आखिर आक्टोपस के पास तीन दिल क्यों होते हैं?

एक बंद परिसंचरण तंत्र वाले ऑक्टोपस में रक्त, रक्त वाहिकाओं के अंदर रहता है। उनके तीन हृदय होते हैं। मुख्य हृदय शरीर के चारों ओर रक्त का संचार करता है और दो शाखात्मक या गिल हृदय गलफड़ों के माध्यम से पंप करते हैं।

ऑक्टोपस का शरीर जटिल है और विभिन्न वातावरणों के लिए डिज़ाइन किया गया है। दरअसल इस जीव में समुद्र की गहराई में रहने की भी खूबी है और स्थल पर भी इसे रहने में कोई समस्या नहीं होती।

ऑक्टोपस के शरीर में पाए जाने वाले ये तीन हृदय निम्नलिखित कार्य करते हैं-

1. प्रणालीगत हृदय (Systemic heart) का काम पूरे शरीर में ऑक्सीजन युक्त रक्त पंप करना है। जब ऑक्टोपस तैरता है तो यह हृदय कुछ देर के लिए रुक भी जाता है। यही कारण है कि ऑक्टोपस तैरने की बजाय रेंगना पसंद करते हैं।

2. दो शाखात्मक हृदय (Two branchial heart) की खूबी यह है कि केवल रक्त को गलफड़ों तक भेजते हैं ताकि वहां से ऑक्सीजन प्राप्त हो सके। हर दिल एक गलफड़े (gill) के लिए काम करता है।

3. जब ऑक्टोपस तैर रहा होता है तो प्रणालीगत हृदय निष्क्रिय हो जाता है।

हालाँकि हैगफिश (hagfish) इस मामले में ऑक्टोपस से ज़्यादा दिलदार है मगर वह पानी तक ही सीमित है। हैगफिश न सिर्फ पृथ्वी पर सबसे पतला जानवर होने के लिए प्रसिद्ध है बल्कि 0.1 सेकंड से भी कम समय में यह एक लीटर से अधिक कीचड़ का उत्पादन करती है। हैगफिश के पास पांच दिल होते हैं।

समुद्री मोलस्क (mollusk) ऑक्टोपस सेफलोपोडा वर्ग का सदस्य है, जिसे आम तौर पर सेफेलोपोड्स (cephalopods) कहा जाता है। ग्रीक में सेफेलोपोडा का अर्थ है “सिर पैर” और जीवों के इस वर्ग में सिर और पैर एक साथ जुड़े होते हैं। सिर के चारों ओर आठ बराबर लंबी भुजाओं की एक अंगूठी होती है। वे समुद्र तल पर “चलने” के लिए अपनी भुजाओं का उपयोग करते हैं।

इस विशेष आकारिकी वाले जीव की एक और बात जो इसे बाक़ी जीवों से अलग करती है, वह यह कि ऑक्टोपस का रक्त नीला होता है। दरअसल ऑक्टोपस में हीमोसायनिन (ऑक्सीजन परिवहन के लिए) होता है, जबकि मानव रक्त में हीमोग्लोबिन होता है, जो रक्त को लाल बनाता है।

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