राजस्थान के राज्य उपभोक्ता प्रतिशोध आयोग ने पान मसाला के विज्ञापन को लेकर बॉलीवुड के शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस जारी किया है। आयोग ने इन तीनों कलाकारों और पान मसाला कंपनी को आगामी 8 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से या अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।

जयपुर निवासी गजेन्द्र सिंह द्वारा दायर शिकायत के आधार पर की गई इस कार्रवाई में उत्पाद को स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होने के साथ इसके प्रचार से समाज में युवाओं पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव की बात कही गई है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट की अधिवक्ता सुमन शेखावत ने शिकायत में विमल पान मसाला और जर्दा में केसर होने के दावे को भ्रामक बताया है। परिवाद में कहा गया कि केसर की कीमत लगभग 4 लाख रुपये किलो है, ऐसे में यह दावा अकल्पनीय और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाला है।
शिकायत में इस बात का भी उल्लेख किया गया कि शाहरुख खान और अजय देवगन जैसे कलाकार, जिन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार पद्म श्री से नवाजा गया है, उनके लिए यह नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी बनती है कि वे समाज हित के प्रतिकूल उत्पादों का प्रचार न करें। बावजूद इसके, करोड़ों रुपये लेकर वे विमल जैसे पान मसाला उत्पादों का प्रचार कर रहे हैं, जो सामाजिक बुराई को बढ़ावा देता है।
आयोग के समक्ष कई अहम मांगें रखते हुए परिवादी गजेन्द्र सिंह ने विमल पान मसाला के उत्पादन और विज्ञापन पर तत्काल रोक लगाने, संबंधित कलाकारों से राष्ट्रीय पुरस्कार वापस लिये जाने और उन पर 50 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाने की बात कही है।
आयोग की इस कार्रवाई को एक मिसाल बताते हुए इसे आने वाले समय में विज्ञापनों की जिम्मेदारी तय करने में अहम भूमिका निभाने वाला मामला कहा जा रहा है। इस कार्यवाही को समाज को जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि पान मसाला जैसे उत्पादों के दुष्प्रभावों से युवा पीढ़ी को बचाने के लिए ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है।









