दस बार मुख्यमंत्री रह चुके नीतीश कुमार अब राज्य की सत्ता छोड़कर केंद्र की राजनीति में लौट रहे हैं। वे आज राज्यसभा नॉमिनेशन के आखिरी दिन अपना नॉमिनेशन फाइल करेंगे, जिससे बिहार में नई लीडरशिप का रास्ता साफ होगा। इसके साथ ही बिहार की राजनीति में आज एक युग का अंत और एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है।

नीतीश कुमार के इस्तीफे की संभावना के बीच बिहार में नई सरकार बनने की अटकलें तेज हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज बिहार विधानसभा में अपना नॉमिनेशन फाइल करेंगे। इस ऐतिहासिक मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मौजूद रहने की संभावना है, जो एनडीए के गठबंधन और भविष्य की रणनीति का संकेत है। नीतीश कुमार के साथ, राम नाथ ठाकुर भी जेडीयू से राज्यसभा के लिए अपना नॉमिनेशन फाइल करेंगे।
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि बिहार में बीजेपी अब “बड़े भाई” की भूमिका में होगी। चर्चा है कि राज्य के इतिहास में पहली बार कोई बीजेपी नेता मुख्यमंत्री बनेगा। नई सरकार का नेतृत्व भाजपा नेता करेंगे, जबकि डिप्टी चीफ मिनिस्टर का पद जेडीयू को मिल सकता है। इसलिए, नीतीश कुमार के बेटे के राजनीति में आने की भी चर्चा है।
नीतीश कुमार के जाने के बाद, 21 साल बाद बागडोर नए हाथों में आएगी। नॉमिनेशन के बाद, अमित शाह एनडीए के घटक दलों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग करेंगे। इसमें नई सरकार के स्ट्रक्चर, कैबिनेट विस्तार और आगे के रोडमैप को फाइनल किया जाएगा। नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के फैसले को कल पटना में हुई जेडी(यु) एमएलए मीटिंग में पहले ही हरी झंडी दे दी गई है।














