छात्रों को वर्तमान वर्ष में स्वदेशी सिलेबस पढ़ने को मिलेगा। इसके लिए भारतीय स्कूली छात्रों की पाठ्य पुस्तकों को स्वदेशी और भारतीय पैटर्न पर विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में एनसीईआरटी यानी राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तकों में भी बदलाव किए हैं।

इन बदलाव के तहत अंग्रेजी भाषा की पाठ्यपुस्तकों को तैयार करने के लिए अब विदेशी लेखकों की जगह भारतीय शिक्षाविदों को प्रमुखता दी गई है। प्रशिक्षण परिषद और एनसीईआरटी ने कक्षा 9 की अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक में व्यापक बदलाव किए हैं। इस पर शिक्षाविदों का कहना है कि बदलावों से सिलेबस सटीक और थोड़ा हुआ है।
एनसीईआरटी के अधिकारियों के मुताबिक़, नई पुस्तकों में भारतीय ज्ञान प्रणालियों (आईकेएस) को महत्व दिया गया है।जिसमे अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तक के 16 चैप्टर्स में से आठ चैप्टर्स भारतीय लेखकों के हैं जबकि छह अंतरराष्ट्रीय लेखक भी इस पुस्तक में स्थान पा सके हैं।
अंग्रेजी की कक्षा नौ की पाठ्यपुस्तक में भारतीय साहित्य पर अधिक फोकस किया गया है। पाठ्यक्रम में जिन लेखकों की रचनाओं को सम्मिलित किया गया है, उनमें तमिल के महान कवि सुब्रमण्यम भारती, नागा लेखिका टेमसुला आओ, प्रसिद्ध कवि रवीन्द्रनाथ टैगोर और असमिया उपन्यासकार मित्रा फुकन जैसे लेखक शामिल हैं।
जानकारी में यह भी कहा गया है अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तकों की संख्या भी दो से कम कर एक कर दी गई है। इस पुस्तक में अब कुछ 16 चैप्टर्स होंगे। कक्षा 9 की इस नई अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक का नाम कावेरी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ पहले पुस्तक में कुल 29 अध्याय थे। अब इनकी संख्या घटाकर 16 कर दी गई है। जानकारी में कहा गया है कि पहले इन 29 चैप्टर्स में से 15 चैप्टर विदेशी या अंतरराष्ट्रीय लेखकों द्वारा लिखे गए थे। यह सिलसिला वर्ष 2006-07 से लेकर 2025-26 के शैक्षणिक वर्ष तक जारी रहा, लेकिन अब इसमें बदलाव कर दिया गया है।












