एसआईआर के विरोध में आज देशव्यापी प्रदर्शन

इस प्रदर्शन का मक़सद एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने के साथ मतदाता सूचियों से कथित तौर पर हटाए गए 13.41 करोड़ नागरिकों के मतदान के अधिकार को बहाल करने की मांग है।

‘पीपुल अगेंस्ट एसआईआर’ और संयुक्त किसान मोर्चा ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में आज देशव्यापी प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। दोनों संगठनों की मांग है कि मतदाता सूचियों से हटाए गए लोगों के मतदान के अधिकार को बहाल किया जाए। साथ ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तथा उनके खिलाफ अभियोजन की मांग भी की गई है। इस प्रदर्शन के लिए हर हाथ में तिरंगा, हर गली में जंतर-मंतर” का नारा दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, आयोजक यह प्रदर्शन जिला और तहसील मुख्यालयों, राज्य की राजधानियों और दिल्ली में कर रहे हैं। दिल्ली में ‘पीपुल अगेंस्ट एसआईआर’ ने निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने का आह्वान किया है। ‘पीपुल अगेंस्ट एसआईआर’ ने दावा किया कि 300 से अधिक संगठन इस मंच से जुड़ चुके हैं और 25 राज्यों तथा केंद्र-शासित प्रदेशों में प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। इस प्रदर्शन के लिए हर हाथ में तिरंगा, हर गली में जंतर-मंतर” का नारा दिया गया है।

एसकेएम यानी संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि उसके घटक संगठन जिलाधिकारियों और उपमंडल मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपेंगे। एसकेएम ने चेतावनी दी कि यदि सरकार विरोध-प्रदर्शनों को दबाना जारी रखती है, तो किसान प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिए आगे आएंगे।

याद दिला दें कि एसकेएम ने केंद्र के अब निरस्त किए जा चुके तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 2020-21 के आंदोलन का सफल नेतृत्व किया था। ज्ञापन में एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने के साथ मतदाता सूचियों से कथित तौर पर हटाए गए 13.41 करोड़ नागरिकों के मतदान के अधिकार को बहाल करने की मांग की जाएगी।

इसके अलावा किसान संगठन द्वारा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित 2023 के कानून में संशोधन के साथ चयन समिति में भारत के प्रधान न्यायाधीश को शामिल करने तथा आनुपातिक प्रतिनिधित्व और चुनावों के लिए सरकारी वित्तपोषण समेत व्यापक चुनाव सुधारों की भी मांग की है।

एसकेएम की ओर से महिला छात्रों और पत्रकारों सहित प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादतियों पर कार्रवाई करने तथा जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने संबंधी आदेश को रद्द करने की भी मांग की गई है।

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ‘पीपुल अगेंस्ट एसआईआर’ का दावा है कि 300 से अधिक संगठन इस मंच से जुड़ चुके हैं और 25 राज्यों तथा केंद्र-शासित प्रदेशों में प्रदर्शन की योजना बनाई गई है।

रिपोर्ट्स में प्रदर्शनकरियों के राष्ट्रीय ध्वज लेकर मार्च करेंने की बात कही गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकती है तो यह लोग लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने के लिए शांतिपूर्ण सभा करेंगे।

जवाब में एसआईआर के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी आज से “लोकतंत्र बचाओ भीड़तंत्र हटाओ” अभियान के तहत पदयात्राएं निकालने की घोषणा की है।

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