नगर निगम आज से शुरू कर रहा है गृहकर जमा करने का काम

आज यानी सोमवार से नगर निगम में गृहकर जमा करने का काम शुरू हो रहा है। नए वित्तीय वर्ष का गृहकर 30 जून के पहले जमा करने वाले भवनस्वामी दस प्रतिशत तक की छूट पा सकते हैं। इसके अलावा जिनका पिछले वित्तीय वर्ष का गृहकर जमा नहीं हुआ है, उन्हें 12 प्रतिशत ब्याज के भुगतान करना होगा।

सोमवार से गृहकर नामांतरण का शुल्क भी जमा किया जा सकेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, भारत रत्न से सम्मानित नागरिकों सहित राष्ट्रीय स्तर के प्रतिभावान खिलाड़ियों, वैज्ञानिकों व पत्रकारोंं को भी छूट दी जाएगी। ऐसे भवनस्वामियों को गृहकर में पांच-पांच प्रतिशत की छूट मिलेगी जिनका वार्षिक किराया मूल्यांकन (एआरवी) 900 रुपये तक होगा। उन भूतपूर्व सैनिकों, उनकी विधवाओं व आश्रितों को भी गृहकर में छूट मिलेगी जिनको देश सेवा के लिए विशिष्ट चक्र से सम्मानित किया गया है।

बताते चलें कि बीते वित्तीय वर्ष में गृहकर जमा न करने वालों की संख्या दो लाख से अधिक है। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह का कहना है कि नए वित्तीय वर्ष के हिसाब से एनआईसी ने गृहकर के लिए साॅफ्टवेयर अपडेट कर दिया है। उनके मुताबिक़, सोमवार से गृहकर जमा करने का काम शुरू हो जाएगा। साथ ही जिन भवनस्वामियों को नगर निगम अधिनियम और सदन में पास प्रस्ताव के तहत छूट मिलनी हैं, उनको भी छूट मिल सकेगी।

ऑनलाइन या ऑफ़लाइन भुगतान वाले यह भी जान लें

नगर निगम आज से शुरू कर रहा है गृहकर जमा करने का काम

ये लोग इस छूट का लाभ उठा सकेंगे
० नगर निगम में कार्यरत केंद्रीयत व अकेंद्रीयत सेवा के वे कर्मचारी जिनका शहर में एक ही मकान है और वह उसमें स्वयं रहते हैं, उनको गृहकर नहीं देना होगा।
० भारत रत्न, राष्ट्रपति से शौर्य पदक प्राप्त पुलिस कर्मी या अधिकारी और अर्जुन पदक धारक नागरिकों को भी गृहकर नहीं देना होगा।
० स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, उनकी विधवाओं और उनके आश्रित (नाबालिग बच्चे तथा अविवाहित पुत्री) को भी गृहकर नहीं देना होगा।
० राष्ट्रीय स्तर के पत्रकार, वैज्ञानिक तथा खिलाड़ियों को गृहकर में आधी छूट दी जाएगी।
० 80 से 100 प्रतिशत तक दिव्यांगों को गृहकर में शतप्रतिशत तथा 50 से अधिक व 80 प्रतिशत से कम दिव्यांगों को 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
० वे भूतपूर्व सैनिक जिन्हें परमवीर चक्र, अशोक चक्र तथा अन्य सैनिक अथवा असैनिक शौर्य चक्र से सम्मानित किया हो। ऐसे सैनिकों की विधवाओं अथवा उनके आश्रितों (पति, पत्नी, नाबालिग बच्चे एवं अविवाहित पुत्री) को भी छूट दी जाएगी। बशर्ते भवन आवासीय हो और वह उसमें स्वयं निवास करते हों।

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