दुनिया की लगभग पांचवीं गैस और तेल की सप्लाई का रास्ता कभी होर्मुज स्ट्रेट था। फिलहाल इस वक़्त अमरीका और ईरान के टकराव के चलते यह लगभग बंद हो गया है।
अल जज़ीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जंग की सबसे पुरानी युक्तियों में से एक नौसैनिक नाकाबंदी (naval blockade) है, जिसका इस्तेमाल दुश्मन की सप्लाई काटकर उसे कमजोर करने के लिए किया जाता है।
इतिहास में ऐसे कई उदाहरण मिलते हैं कि नाकाबंदी को एक युक्ति के तौर पर प्रयोग किया गया। हालाँकि इसका सबसे दुखद पहलु यह है कि यह महज़ एक मिलिट्री स्ट्रैटेजी ही नहीं है, बल्कि बड़े मानवीय और आर्थिक संकट भी पैदा करती है। एक नज़र डालते हैं कुछ ऐसी ही ऐतिहासिक घटनाओं पर-
गाजा ब्लॉकेड (2007 से अब तक)
इज़रायल ने 2007 से गाजा पर ज़मीनी, हवाई और नेवल ब्लॉकेड लगा रखी है, जिससे 2.3 मिलियन लोग गंभीर मानवीय संकट में हैं।
गाजा में हालात 2023 से और खराब हो गए हैं, मछुआरों पर सख्त पाबंदियां लगा दी गई हैं, मदद के लिए भेजे जाने वाले जहाजों को भी रोका जा रहा है या उन पर हमला किया जा रहा है।
बियाफ्रा की नाकाबंदी (1967–1970)
नाइजीरिया ने बियाफ्रा (Biafra) के अलग हुए इलाके पर पूरी नाकाबंदी लगा दी, जिससे अकाल पड़ा और अनुमान है कि 1–2 मिलियन मौतें हुईं।
बीरा पेट्रोल (1966–1975)
ब्रिटेन ने रोडेशिया को तेल की सप्लाई रोकने के लिए एक लंबा नेवल कैंपेन चलाया, लेकिन यह बेअसर साबित हुआ और महंगा पड़ा।
क्यूबा मिसाइल संकट (1962)
यूनाइटेड स्टेट्स ने सोवियत मिसाइलों को लगाने से रोकने के लिए क्यूबा पर नेवल नाकाबंदी शुरू की। दुनिया 13 दिनों तक न्यूक्लियर वॉर के कगार पर थी, इससे पहले कि कोई समझौता हो और संकट खत्म हो।
वॉनसन पोर्ट सीज (1951-1953)
यूएनसेनाओं ने कोरियाई युद्ध में नॉर्थ कोरिया के मुख्य पोर्ट को लगभग ढाई साल तक बंद रखा, जिससे दुश्मन की सप्लाई पर बहुत बुरा असर पड़ा।
जापान की नेवल ब्लॉकेड (1942-1945)
अमरीका ने सबमरीन के ज़रिए जापानी मर्चेंट शिपिंग को खत्म कर दिया, जिससे 1945 तक तेल और खाने की भारी कमी हो गई, जिसके बाद जापान ने सरेंडर कर दिया।
पूर्वी मेडिटेरेनियन की ब्लॉकेड (1915-1918)
एलाइड देशों ने ओटोमन एम्पायर को सप्लाई रोक दी, जिससे लेबनान और सीरिया में भयंकर अकाल पड़ा, जिसमें लगभग 500,000 लोग मारे गए।
जर्मनी की ब्लॉकेड (1914-1919)
ब्रिटेन ने जर्मनी के लिए समुद्री रास्ता बंद कर दिया, जिससे लाखों नागरिक खाने की कमी और बीमारी से मर गए।