नीरज को चांदी और नदीम को सोने का पदक मिलने पर मां का हीरे जैसा बयान दिलों को जीत रहा है

भारतीय एथलीट नीरज चोपड़ा ने पेरिस ओलंपिक में सिल्वर मेडल हासिल किया है। पाकिस्तान के एथलीट अरशद नदीम ने नया ओलंपिक रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मैडल हासिल किया है। पेरिस ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम भी कांस्य पदक जीतने में कामयाब रही है।

नीरज को चांदी और नदीम को सोने का पदक मिलने पर मां का हीरे जैसा बयान दिलों को जीत रहा है

टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मैडल हासिल करने वाले 26 वर्षीय नीरज चोपड़ा का दूसरा थ्रो ही उनका एकमात्र वैध थ्रो रहा। इस थ्रो में नीरज ने 89.45 मीटर फेंका जो यही इस सत्र का उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो रहा। इस दौरान नीरज के पांचों प्रयास नाकामयाब रहे।

इस मुकाबले में पाकिस्तान के एथलीट अरशद नदीम ने नया ओलंपिक रिकॉर्ड बनाते हुए अपना दूसरा थ्रो ही 92.97 मीटर का फेंका। नदीम का छठा और आखिरी थ्रो 91.79 मीटर का रहा।

नीरज चोपड़ा इससे पहले टोक्यो ओलंपिक में 87.58 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीत चुके हैं जबकि पाकिस्तान ने 1992 बार्सीलोना ओलंपिक के बाद यह पहला ओलंपिक पदक हासिल किया है।

नीरज और नदीम के इस नतीजे पर नीरज की माँ की प्रतिक्रिया सामने आई है। एएनआई को दिए इंटरव्यू में नीरज की मां सरोज देवी ने कहा- “हम बहुत खुश हैं, हमारे लिए सिल्वर भी सोने के बराबर है। जो गोल्ड लाया है वो भी हमारा लड़का है। मेहनत करके लेकर गया है। हर खिलाड़ी का दिन होता है।”

नीरज की माँ के इस बयान को बहुत सराहना मिल रही है। बताते चलें कि नदीम अरशद नीरज चोपड़ा के खेल से बहुत प्रभावित रहे हैं और जिस समय नीरज ने टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मैडल जीता था, नदीम सारा दिन अपने साथियों को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के किस्से सुनाते रहे थे।

हॉकी के लिए भी भी कल का दिन यादगार बन गया। भारतीय टीम ने कांस्य पदक जीता है। भारत ने स्पेन को 2-1 से हरा दिया। इससे पहले सेमीफाइनल में भारत को जर्मनी के हाथों 3-2 से हार का सामना करना पड़ा था।

गौरतलब है कि भारत ने 1980 में मॉस्को ओलंपिक के बाद से अब तक स्वर्ण नहीं जीता है। ओलंपिक में भारत ने अबतक हॉकी में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। भारत हॉकी में कुल 13 पदक जीत चुका है जिसमें आठ स्वर्ण, एक रजत और चार कांस्य पदक शामिल हैं। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 52 साल बाद लगातार दो ओलंपिक में पदक जीते हैं। इससे पहले 1968 और 1972 में ऐसा हुआ था।

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