एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा 3 मई को आयोजित नीट (यूजी) 2026 की परीक्षा को पेपर लीक की चर्चाओं के बाद रद्द कर दिया गया है। एनटीए ने यह फैसला केंद्र सरकार की मंज़ूरी के बाद लिया है। साथ ही एनटीए ने परीक्षा को दोबारा आयोजित करवाने की भी बात कही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, नई परीक्षा की तारीख़ें और एडमिट कार्ड का शेड्यूल जल्द ही आधिकारिक चैनलों पर जारी किया जाएगा। बताते चलें कि राजस्थान में दस मई को पेपर लीक से जुड़ी रिपोर्टें सामने आने के बाद यह फ़ैसला लिया गया है। बताते चलें कि नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) परीक्षा, भारत में मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से आयोजित की जाती है.
नीट (यूजी) की परीक्षा रद्द होने के बाद विपक्ष ने मोदी सरकार की कड़ी निंदा की है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा है कि ‘यह अब कोई परीक्षा नहीं रही। नीट अब एक नीलामी बन गई है।’
राहुल गांधी इसे युवाओं के भविष्य के साथ अपराध बताते हुए कहा कि हर बार पेपर माफ़िया बच निकलते हैं और ईमानदार स्टूडेंट्स सज़ा भुगतते हैं। राहुल गांधी ने नीट परीक्षा रद्द होने पर कई सवाल खड़े करते हुए एक एक्स पोस्ट में लिखा, ‘नीट 2026 की परीक्षा रद्द हो गई। 22 लाख से ज़्यादा स्टूडेंट्स की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया।’
आगे उन्होंने लिखा, ‘किसी पिता ने क़र्ज़ लिया, किसी माँ ने गहने बेचे, लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की और बदले में मिला, पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार।’ अपनी पोस्ट में राहुल गांधी ने यह भी कहा, ‘अगर अपनी तकदीर परिश्रम से नहीं, पैसे और पहुँच से तय होगी, तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा? प्रधानमंत्री का तथाकथित ‘अमृतकाल’, देश के लिए विषकाल बन गया है।’
पेपर लीक मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद प्रियंका गांधी समेत अन्य नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं। शिक्षाविद खान सर ने एनटीए की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि सख्त सुरक्षा व्यवस्था के दावों के बावजूद अधिकारी बार-बार जानकारी लीक होने से रोकने में विफल रहे हैं। आगे उन्होंने कहा कि सरकारी एजेंसियों को इस बात की जानकारी होनी चाहिए। उनका कहना है कि जिस एजेंसी को हमने परीक्षा आयोजित करने का जिम्मा सौंपा है, उन्हें यह भी समझ नहीं आ रहा है कि उन्हें परीक्षा आयोजित करने का काम सौंपा गया है या उसे लीक करने का।
एनटीए ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अपना पक्ष रखते हुए कहा, ‘भारत सरकार ने इस मामले को पूरी जांच के लिए सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) को सौंपने का फ़ैसला किया है। एनटीए इस जांच में पूरा सहयोग करेगी और सभी ज़रूरी दस्तावेज़ और जानकारी उपलब्ध कराएगी।’
एनटीए की ओर से दी गई जानकारी में यह भी कहा गया है कि दोबारा परीक्षा देने के लिए नए सिरे से रजिस्ट्रेशन की ज़रूरत नहीं होगी और कोई अतिरिक्त शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। साथ ही एंटीए ने पहले से जमा की गई फीस स्टूडेंट्स को वापस किए जाने और परीक्षा एनटीए के अपने संसाधनों से कराए जाने की भी बात कही है।
बताते चलें कि मेडिकल की पढ़ाई के लिए दी जाने वाली इस परीक्षा में 22 लाख से अधिक परीक्षार्थी बैठे थे। इन स्टूडेंट्स को अब दोबारा परीक्षा देनी होगी।
छात्र संगठन एनएसयूआई ने नीट की परीक्षा रद्द होने के बाद दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया है। मामले पर एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ का कहना है कि पूरे देश के विद्यार्थी सड़कों पर हैं और मांग कर रहे हैं कि सरकार कहां है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने मेहनत से तैयारी की उनके भविष्य को पांच-पांच हज़ार रुपये में व्हाट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप में बेचा गया है।