ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी के अंतिम संस्कार में लाखों लोग शामिल हुए

ईरान के पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी को मशहद में इमाम रज़ा की दरगाह के परिसर में दफनाया गया।

ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी के अंतिम संस्कार में लाखों लोग शामिल हुए

इब्राहिम रायसी का शव मशहद पहुंचा तो लाखों की संख्या में नागरिक सड़कों पर आ गए और पूर्व राष्ट्रपति को भावभीनी विदाई देने के लिए अंतिम संस्कार जुलूस के साथ मार्च किया। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में शोक जुलूस निकाले जाने की भी सूचना मिली है।

ईरानी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इब्राहिम रायसी के सुपुर्द-ए-खाक किए जाने के समय 30 लाख से अधिक नागरिक शामिल हो गए थे, जिनमें विभिन्न देशों के युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।

ईरान ने क्रैश का कारण खराब मौसम को बताया है। राष्ट्रपति रईसी का हेलिकॉप्टर अजरबैजान के जिस इलाक़े में क्रैश हुआ है वह इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद का गढ़ माना जाता है।

इब्राहिम रईसी को इमाम रज़ा के मकबरे के परिसर में आधिकारिक सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया, इस मौके पर बेहद भावुक दृश्य देखने को मिले।

गौरतलब है कि एक दिन पहले तबरीज़ में खामेनेई ने हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए इब्राहिम रायसी और अन्य लोगों के लिए अंतिम संस्कार की प्रार्थना का नेतृत्व किया था, जिसमें लाखों लोगों ने भाग लिया था।

रविवार को ईरान के विदेश मंत्री इब्राहिम रायसी और अन्य लोगों का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें सभी लोगों की मौत हो गई थी।

राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी की मौत की पड़ताल जारी है और उसके नतीजों का इन्तिज़ार किया जा रहा है। यहाँ महत्वपूर्ण सवाल क्रैश साइट अजरबैजान से सम्बंधित है। एक तरफ ईरान के अपने पड़ोसी देश अजरबैजान से संबंध तनाव पूर्ण हैं और दूसरी तरफ अजरबैजान मध्य एशिया का इकलौता ऐसा मुस्लिम देश है जिसके इजराइल के साथ दोस्ताना संबंध हैं।

ईरान ने क्रैश का कारण खराब मौसम को बताया है। राष्ट्रपति रईसी का हेलिकॉप्टर अजरबैजान के जिस इलाक़े में क्रैश हुआ है वह इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद का गढ़ माना जाता है। बताया जाता है कि मोसाद के कई खुफिया एजेंट इस इलाक़े में सक्रिय हैं और पिछले वर्ष ईरान ने अजरबैजान में रहते हुए इजराइल के लिए जासूसी करने के आरोप में एक महिला सहित चार लोगों को फांसी दी थी।

ईरान में राष्ट्रपति रईसी के हेलिकॉप्टर क्रैश की जांच का ज़िम्मा ईरानी आर्म्ड फोर्सेज के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल मोहम्मद बघेरी ने एक हाई-रैंकिंग डेलिगेशन को सौंपा है। ईरान के ब्रिगेडियर अली अब्दुल्लाही इसका नेतृत्व कर रहे हैं।

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