प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने के साथ जहाँ एक तरफ मौसम खुशगवार हुआ है वहीँ जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लखनऊ सहित प्रदेश के अधिकतर हिस्से में बादल और बारिश का माहौल बना हुआ है।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। बीते चार दिनों में राजधानी में 117.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मंगलवार का रिकॉड बताता है कि 42.2 मिमी वर्षा हुई। वहीँ 15 से 17 अगस्त के मध्य होने वाली बारिश 75.5 मिमी रिकॉर्ड की गई थी।
लखनऊ में आज का अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया । वहीं, पूरे दिन का तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस के आस-पास बना रहेगा। लखनऊ में अगले पांच दिन तापमान 30 से 32 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 20 से 22 अगस्त के मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश होने के संकेत दिए हैं।
लगातार बारिश से तापमान में गिरावट के साथ मौसम सुहाना हुआ है। इस सप्ताह होने वाली बारिश से लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में जनजीवन पर असर पड़ा है। कई इलाकों में जलभराव के साथ ट्रैफिक जैम की समस्या कई गुना बढ़ गई है। मंगलवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री रहा और यह सामान्य से 1.7 डिग्री कम था। न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री रिकॉर्ड हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार, लखनऊ में जुलाई माह तक रिकॉर्ड बारिश सामान्य से करीब 44 प्रतिशत कम थी। अगस्त के महीने में होने वाली लगातार बारिश की बदौलत बीते दिन यानी मंगलवार तक यह कमी घटकर 16 प्रतिशत बची है। विभाग 19 प्रतिशत के आस-पास की कमी को सामान्य बारिश की श्रेणी में रखता है।
प्रदेशभर में जारी इस बारिश के चलते कई जिलों में हादसों की खबर भी मिली है। मंगलवार को बारिश और बाढ़ के कारण प्रदेश में दस लोगों की मौत होने की खबर है। इन मृतकों में बंदायूं, कन्नौज, हरदोई, फरुर्खाबाद में एक-एक जबकि प्रयागराज में यह संख्या चार है। बलिया और बहराइच में पेड़ गिरने और बिजली गिरने से एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसमें से छह लोगों के पुल पार करते समय बह जाने की सूचना है।
मौसम विभाग द्वारा जिन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है उनमें वाराणसी सहित फतेहपुर, प्रतापगढ़, , जौनपुर, हमीरपुर, ललितपुर , गाजीपुर, आजमगढ़, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, औरैया, जालौन, झांसी व आस पास के क्षेत्र शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बाढ़ से प्रदेश के 13 जनपदों के 173 गांव प्रभावित हुए हैं। अब तक 84362 लोग और 13058 हेक्टेयर क्षेत्रफल भी बाढ़ से प्रभावित हुआ है। रहत और बचाव कार्यों के लिए कुल 1589 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। साथ ही 1263 बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 4845 व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने की सूचना है।