भारत में शुरू किए जा रहे हाइड्रोकार्बन अन्वेषण के नए दौर से गुयाना के आकार के कई बड़े तेल क्षेत्र मिलने की उम्मीद है। यह जानकारी पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को दी। साथ ही उन्होंने यह आशा भी व्यक्त की है कि बड़े तेल क्षेत्र विशेष रूप से अंडमान सागर में खोजे जाएंगे।

‘ऊर्जा वार्ता 2025’ कार्यक्रम के दौरान हरदीप सिंह ने विश्वास जताया है कि गुयाना के आकार के कई क्षेत्र मिलने की उम्मीद है जिनमे उन्होंने अंडमान सागर को विशेष रूप से इस उपलब्धि के लिए महतपूर्ण बताया।
जानकारी में उन्होंने यह भी बताया कि ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी राउंड-10 के तहत 2,00,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में और अधिक हाइड्रोकार्बन की खुदाई और अन्वेषण किया जाएगा। इस खोज में 2025 तक अन्वेषण क्षेत्र को 5 लाख वर्ग किलोमीटर और 2030 तक 10 लाख वर्ग किलोमीटर तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पेट्रोलियम मंत्री ने इस विषय में यह भी कहा कि एक्सप्लोरर्स के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले डेटा की उपलब्धता, वित्तीय प्रोत्साहन, स्थिर नियामक ढांचे, निवेश को जोखिम-मुक्त बनाने और ईज-ऑफ डूइंग बिजनेस जैसे क्षेत्रों पर काम किया जा रहा है ताकि भारत को ऑयल एंड गैस एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन (ईएंडपी) के लिए अगला वैश्विक अग्रणी बनाया जा सके।
गौरतलब है कि ऊर्जा वार्ता 2025 का उद्देश्य भारत के ऊर्जा परिदृश्य के भविष्य को आकार देने और ऊर्जा क्षेत्र में स्थिरता और नवाचार के प्रति देश की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनना है। इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के ऊर्जा मंत्री, शीर्ष सरकारी अधिकारी तथा तेल एवं गैस क्षेत्र के उद्योग जगत के नेता एकत्रित हुए।
