नवाबों के शहर लखनऊ की सुंदरता में एक और खूबसूरती शामिल होने वाली है। अब यहाँ भी अहमदाबाद के ‘अटल ब्रिज’ की तर्ज पर एक शानदार पैदल पुल बनने का रास्ता साफ़ हो गया है। गोमती नदी पर बनने वाले इस पुल को सरकार की तरफ से मंज़ूरी भी मिल गई है।

सुंदरता बढ़ाने के साथ यह पुल न सिर्फ़ ट्रैफ़िक को आसान बनाएगा बल्कि एक नया टूरिस्ट डेस्टिनेशन भी बनेगा। सरकार ने इस बड़े प्रोजेक्ट को मंज़ूरी देकर बजट भी जारी कर दिया है।
‘स्माइल करें क्योंकि आप लखनऊ में हैं’
जी हां! इस थीम पर डिज़ाइन किया जाने वाला यह पुल पूरी तरह से लखनऊ की मशहूर टैगलाइन ‘स्माइलिंग थीम’ पर आधारित होगा। मुंबई के आर वैम्प स्टूडियो द्वारा डेवलप किए गए इस डिज़ाइन को देश भर के 25 ऑर्गनाइज़ेशन में से चुना गया था।
लोकेशन के हवाले से यह पुल एडीसीपी ऑफिस के पास रिवरफ्रंट के दोनों किनारों को जोड़ेगा। इससे क्रिकेट स्टेडियम, बच्चों के खेल के मैदान, एम्फीथिएटर और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट तक आसानी से पहुँचा जा सकेगा। ब्रिज निर्माण के लिए आर्किटेक्ट डिजाइन प्रतियोगिता के बाद देशभर की 25 आर्किटेक्ट संस्थाओं ने हिस्सा लेते हुए ड्रॉइंग-डिजाइन भेजे थे।
पुल की विशेषता
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा साझा जानकारी में कहा गया है कि मुख्य पुल 180 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा होगा। रैंप समेत इसकी कुल लंबाई 380 मीटर होगी।
पुल की लागत
इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 54 करोड़ रुपये है। सरकार ने पहली किस्त के तौर पर 18.90 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। कंस्ट्रक्शन 18 महीने में पूरा करने का टारगेट है। पुल से नदी का नज़ारा सुंदर बनाने के लिए खास स्पैन प्लेट गर्डर बनाए जाएंगे। रात में यह स्ट्रीट लाइट, बोलार्ड और फ्लोर लाइट से रोशन होगा।
लेटेस्ट कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी:
पुल को मजबूत बनाने के लिए 13 पिलर बनाए जाएंगे। इसकी छत में टेंसाइल स्ट्रक्चर का इस्तेमाल होगा और सतह पर ग्रेनाइट और GRC पैनल जैसे प्रीमियम मटीरियल का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे यह मॉडर्न और सुंदर दिखेगा। रात के वक्त सजावट में चार चाँद लगाने के लिए स्ट्रीट, बोलार्ड व फ्लोर लाइटों की मदद ली जाएगी।
