भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते दिन लखनऊ में थे। उन्होंने यहाँ ‘राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल’ का उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेशनल प्रेरणा स्थल पहुंचे तो उपस्थित लोगों ने “भारत माता की जय” के नारों के साथ उनका स्वागत करते हैं।राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल 65 एकड़ के बड़े एरिया में फैला है और यहाँ अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की कांस्य प्रतिमाएं हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के मौके पर राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया। इस कॉम्प्लेक्स में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं हैं, जो भारतीय राजनीतिक सोच, राष्ट्र निर्माण और सार्वजनिक जीवन में उनके महत्वपूर्ण योगदान का प्रतीक हैं।
लखनऊ के वसंत कुंज में राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल को कमल के आकार में डिज़ाइन किया गया है। प्रेरणा स्थल में राष्ट्रवादी आइकॉन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फुट ऊंची कांस्य की मूर्तियां हैं। इन मूर्तियों को दुनिया भर में मशहूर मूर्तिकार राम सुतार और मातूराम आर्ट क्रिएशन्स ने बनाया है।
लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी और टूरिज्म और कल्चर डिपार्टमेंट ने नेशनल प्रेरणा स्थल के ग्रैंड इनॉगरेशन के लिए सभी तैयारियां पूरी की। नेशनल प्रेरणा स्थल के बड़े आंगन में फूलों से कमल के आकार की रंगोली बनाई गई। आर्ट और कल्चर डिपार्टमेंट ने प्रेरणा स्थल की बाहरी दीवारों को नेशनल कल्चरल सिंबल से भी सजाया।
करीब 230 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस विशाल क्षेत्र में फैला यह परिसर, नेतृत्व मूल्यों, राष्ट्रीय सेवा, सांस्कृतिक चेतना और जन प्रेरणा को बढ़ावा देने के लिए समर्पित एक स्थायी राष्ट्रीय धरोहर के रूप में परिकल्पित है। इन विशाल मूर्तियों की ऊंचाई 65 फुट और वजन 42 टन है। ये इतनी ऊंची हैं कि दूर से ही दिखाई देती हैं।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उप्र की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
