नगर निगम की बैठक के बाद लाइसेंस शुल्क से जुड़ा नया फैसला सामने आया है। नगर निगम सदन की मंगलवार को हुई इस बैठक में पैथोलॉजी सहित नर्सिंग होम, होटल और रेस्टोरेंट के अलावा दस तरह के प्रतिष्ठानों का लाइसेंस शुल्क दी से तीन गुना तक बढ़ा दिया है। एक अप्रैल से यह लागू होने वाले इस फैसले से इलाज, रहना और खाना मंहगा हो जाएगा।

लाइसेंस शुल्क बढ़ने के इस फैसले से शहर की करीब 40 लाख आबादी पर असर पड़ेगा। बताते चलें कि नगर निगम के कल्याण मंडपों का किराया भी 40 प्रतिशत बढ़ने से वैवाहिक आयोजन का खर्च भी बढ़ेगा।
पैथालॉजी सहित नर्सिंग होम, प्राइवेट हॉस्पिटल, डायग्नोस्टिक सेंटर, होटल, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट के लाइसेंस शुल्क दोगुना कर दिया है। विभिन्न श्रेणियों में यह बढ़ोतरी 100 से 400 फीसदी तक है।
पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटर का शुल्क दोगुना।
50 बेड के निजी अस्पताल का लाइसेंस शुल्क अब 7,500 से बढ़ाकर 15,000 रुपए कर दिया गया है।
500 बेड तक के अस्पताल के लिए 35,000 से 70,000 रुपए की बढ़ोत्तरी।
होटल, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट का लाइसेंस शुल्क 400 फीसदी तक की बढ़ा।
इस दौरान कुछ प्रतिष्ठानों को लाइसेंस शुल्क के दायरे से बाहर रखा गया है जिनमें कोचिंग सेंटर, शोरूम सहित 20 तरह के प्रतिष्ठान हैं। यह फैसला व्यापारियों के विरोध को देखते हुए लिया गया है।
शुक्ल की नईं दरें पहली अप्रैल से लागू हो जाएंगी। जिन प्रतिष्ठान्न का शुल्क दो गुना तक बढ़ाया गया है, उनमें नर्सिंग होम, पैथोलॉजी, होटल और रेस्टोरेंट एते हैं। गौरतलब है कि नर्सिंग होम, प्रसूति गृह, रेस्टोरेंट आदि के लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी का प्रस्ताव करीब डेढ़ साल पहले नगर निगम सदन की ओर से पास हो चुका है, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते यह लागू नहीं हो पा रहा था।
इस बारे में अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव का कहना है कि बैठक के दौरान नगर निगम ने कल्याण मंडपों का किराया 40 फीसदी तक बढ़ाने का फैसला किया है। झूलेलाल वाटिका का किराया दोगुना बढ़ाया गया है। यहां धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए पहले 5 हजार रुपए किराया जो अब दस हजार रुपए कर दिया गया है। कॉमर्शियल उपयोग के लिए किराया 1.50 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपए कर दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, नगर निगम करीब दो दशक से लाइसेंस जारी कर रहा है, जबकि शुल्क में बढ़ोतरी अब की गई है। इससे अब नगर निगम को लाइसेंस शुल्क से होने वाली सालाना आय पांच करोड़ से बढ़कर दस करोड़ हो जाएगी।
इस फैसले में जिन प्रतिष्ठानों को रहत दी गई है उनमें सामान्य व वातानुकूलित जिम, सामान्य व वातानुकूलित ब्यूटी पार्लर, कोचिंग व प्रशिक्षण संस्थान (कक्षा दस के बाद), चार्टेड एकाउंटेंट कार्यालय, स्पा सेंटर, सभी तरह के ब्रांडेड ज्वैलरी शोरूम, सामान्य ज्वैलरी शॉप, सभी तरह के ब्रांडेड कपड़ा शोरूम, समस्त ब्रांडेड जूता शोरूम, स्पोर्ट्स एकेडमी, बेकरी (फैक्टरी), टी स्टाल, बिल्डर्स रजिस्ट्रेशन, फैब्रीकेटर्स, आरा मशीन, बिल्डिंग मैटेरियल दुकान, पेंट की दुकान व फर्नीचर की दुकानें शामिल हैं।













