केरल में थोड़ी राहत, पर बारिश का खतरा बरकरार

नई दिल्ली: भयंकर रूप से बाढ़ से प्रभावित केरल में शुक्रवार और शनिवार को बारिश में कमी के बाद हालात में थोड़ा सुधार हुआ है. राज्य सरकार ने 14 जिलों से रेड अलर्ट हटा लिया है. 9 अगस्त के बाद यह पहला मौका है जब रेड अलर्ट हटाया गया है.

हालांकि भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक एर्नाकुलम, पथनमथिट्टा और अलप्पुझा जिले के कई इलाकों में सोमवार तक भारी बारिश हो सकती है. बारिश से सर्वाधिक प्रभावित जिलों में अलुवा, चलाकुडी, अलप्पुझा, चेंगन्नूर और पथनामथित्ता जैसे इलाके शामिल हैं, जहां बचाव अभियान तेजी से चलाया जा रहा है.

 

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बताया कि शनिवार को राज्य में 33 लोगों की मौत हो गई. बारिश और बाढ़ से प्रभावित केरल में मृतकों की संख्या 357 हो गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के कारण राज्य को 19, 512 करोड़ का नुकसान हुआ है. केरल में 3.14 लाख लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है. पिछले 100 सालों में ऐसी भंयकर बाढ़ केरल में देखने को नहीं मिली. राज्य के सभी डैम को खोल दिया गया है.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित केरल का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद राज्य को तत्काल 500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की. 500 करोड़ रुपये की यह सहायता 12 अगस्त को गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा घोषित 100 करोड़ रुपये की सहायता के अतिरिक्त है. हालांकि केरल सरकार ने 2000 करोड़ रुपये की तत्काल सहायता मांगी थी.

मोदी ने कोच्चि में एक उच्चस्तरीय बैठक में राज्य में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने सभी मृतकों के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये देने की भी घोषणा की. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाढ़ प्रभावित केरल के लोगों को उनके ‘जीवटता’ के लिए सलाम किया और कहा कि देश इस समय राज्य के साथ पूरी दृढ़ता के साथ खड़ा है.

 

राज्य के सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पैक्ड हाउस बोट और रबर की नौकाओं को जलमग्न सड़कों से गुजरते देखा जा सकता है. हालांकि, बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित पथनमथिट्टा और चेंगानूर जैसे स्थानों में लोगों ने कहा कि सैकड़ों लोगों को अब भी निकाला जाना बाकी है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अलग-थलग इलाकों और घरों के बारे में जानकारी की कमी की वजह से माना जाता है कि बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए हैं. बचावकर्मियों के लिए यह चिंता का विषय है.

 

एर्नाकुलम जिले में मुख्य रूप से परावुर और अलुवा तालुक में 54,000 से अधिक लोगों को बचाया गया है. वहां पिछले दो दिनों में भारी बारिश और गंभीर जल जमाव देखा गया.

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