भोपाल यूनिवर्सिटी में कश्मीरी छात्र से मारपीट, शहर छोड़ने की धमकी

भोपाल। राजधानी के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय परिसर में अज्ञात हमलावरों ने पीएचडी कर रहे एक छात्र से मारपीट की है। आरोप है कि मारपीट की घटना के बाद पीड़ित छात्र शिकायत लेकर विश्वविद्यालय पहुंचा तो किसी ने शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। छात्र कश्मीरी बताया जा रहा है।

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कश्मीरी छात्र के साथ हुयी इस घटना का विरोध जताने के लिये एकजुट हुए करीब एक दर्जन कश्मीरी छात्रों ने कुलपति कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में वह लोग अपने को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।

सोमवार को बीयू के समाज शास्त्र से पीएचडी कर रहे कश्मीरी छात्र उमर रशीद पर यूनिवर्सिटी परिसर में अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया था। इतना ही नहीं हमलावरों ने उमर को भोपाल छोड़ने की धमकी भी दी है। हमलावरों के जाते ही छात्र ने परिसर में ही मौजूद अपने अन्य साथियों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर तकरीबन एक दर्जन कश्मीरी छात्र जमा हो गए।

छात्रों ने बीयू के कैम्पस में खुद को असुरक्षित बताते हुए कहा कि कश्मीर का होने के चलते आए दिन उन्हें कॉलेज छोड़ने की धमकियां मिलती रहती हैं। घटना के बाद आक्रोशित छात्र अपने साथी के साथ हुई घटना की जानकारी देने के लिए कुलपति के दफ्तर पहुंचे। यहां कुलपति के न मिलने पर छात्रों ने चार घंटे तक हंगामा किया और ‘वी वांट जस्टिस’ के नारे लगाकर बीयू प्रशासन से हमलावरों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। कुलपति के न मिलने पर छात्रों ने डीएसडब्ल्यू डॉ. कालिका यादव और डिप्टी रजिस्ट्रार अनिल शर्मा के पास अपनी शिकायत दर्ज करवाई।

संगठन ने छात्रों को अपना समर्थन देते हुए हमलावरों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग की है।

घटना के बाद विवि के रजिस्ट्रार डॉ. एचएस त्रिपाठी ने प्रदर्शनकारियों से मिलकर उन्हें सुरक्षा दिलवाने का आश्वासन दिया है। रजिस्ट्रार से आश्वासन मिलने के बाद ही छात्रा शांत हुए। रजिस्ट्रार डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि छात्रों की शिकायत मिलने के बाद बागसेवनिया थाने में घटना की सूचना दी गई।

इतना ही नहीं मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई गई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि छात्र लिखित में न तो पुलिस को शिकायत दे रहा और न ही विवि प्रशासन को। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने तमाम शैक्षणिक संस्थानों को कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा करने के निर्देश दिए हैं।

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