जलीकट्टू बिल से थम रहा विवाद, खुलकर समर्थन में आए कमल हासन

चेन्नई : तमिलनाडु में चेन्नई समेत दूसरे शहरों में जलीकट्टू प्रथा को लेकर विरोध प्रदर्शन अब कुछ थमते दिख रहे हैं। सोमवार को विधानसभा ने जलीकट्टू को कानूनी दर्जा देने के लिए बिल पास किया था। Jalikattu

Jalikattu

मरीना बीच पर अब भी कुछ प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं। इस बीच, फिल्म अभिनेता कमल हासन ने जलीकट्टू पर बैन का खुलकर विरोध किया है और कहा कि किसी भी चीज पर बैन नहीं होना चाहिए। इसपर नियमन किया जा सकता है। लोगों के हित में नियम बनाए जा सकते हैं लेकिन इसका सॉलुशन बैन नहीं है।

लेकिन पुलिस अब भी अफवाहों से निपटने के लिए चौकसी बनाए हुए है। इस बीच पीपुल्स फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (PETA) के कार्यकर्ता मंगलवार को इस बिल के विरोध में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए थे। वीडियो में पुलिसवालों को तोड़फोड़ करते हुए दिखाया गया था। फिल्म स्टार कमल हासन ने भी ट्विटर पर इस वीडियो को शेयर किया। हालांकि चेन्नई के पुलिस कमिश्नर टीके राजेंद्ररन ने सफाई दी है कि ये वीडियो फर्जी है और प्रर्दशनकारियों पर किसी तरह की ज्यादती नहीं हुई है। उन्होंने इस वीडियो की जांच करवाने की भी बात कही। जलीकट्टू के समर्थन में चेन्नई के मरीना बीच पर चल रहा प्रदर्शन सोमवार को उस वक्त हिंसक हो गया था जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की थी। इस दौरान हुई झड़पों में कई लोग घायल हुए थे।

इस बीच जलीकट्टू को वैधानिक दर्ज मिलने के बाद दूसरे राज्यों से भी इस तरह के खेलों को मान्यता देने की मांग उठने लगी है। कर्नाटक में कन्नड़ संगठन अब कंबाला नाम के भैंसों के दौड़ के खेल को कानूनी दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। इस सिलसिले में बेंगलुरू के फ्रीडम पार्क में सोमवार को प्रदर्शन किया गया। कन्नड़ संगठन अपनी मांग के समर्थन में 25 जनवरी को राज भवन के घेराव की योजना बना रहे हैं।

महाराष्ट्र में शिवसेना ने राज्य में बैलगाड़ियों की दौड़ को जलीकट्टू के तरह वैधानिक दर्जा देने की मांग उठाई है। पुणे से पार्टी सांसद शिवाजी राव पाटिल का कहना था कि तमिलनाडु सरकार की तरह देवेंद्र फड़नवीस भी इस सिलसिले में केंद्र से बातचीत करें। पंजाब में किला रायपुर गेम्स के आयोजक अब बैलगाडियों की रेस पर लगी पाबंदी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। वहीं असम में बुलबुल की लड़ाई पर लगी रोक को हटाने की भी मांग उठने लगी है।

www.naqeebnews.com

# Jalikattu

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *