यूनाइटेड नेशंस की ताज़ा जारी रिपोर्ट ( World Urbanisation Prospects 2025) के मुताबिक, इंडोनेशिया का शहर जकार्ता दुनिया का सबसे ज़्यादा आबादी वाला शहर बन गया है। इस शहर की आबादी करीब 42 मिलियन है।

यह सम्मान कई दशकों तक ग्रेटर टोक्यो एरिया के पास था। जकार्ता में लगभग 4.2 करोड़ लोग रहते हैं, जबकि ढाका दूसरे और टोक्यो तीसरे स्थान पर है। लेकिन अब टोक्यो आबादी के मामले में तीसरे नंबर पर आ गया है, जबकि बांग्लादेश का ढाका इस फेहरिस्त में दूसरे नंबर पर है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया तेज़ी से अर्बनाइज़ेशन की ओर बढ़ रही है और वर्तमान में दुनिया की 45 परसेंट आबादी (8.2 बिलियन) शहरों में रहती है, जिसमें 2050 तक दो-तिहाई आबादी अकेले शहरों में बढ़ने की उम्मीद है।
बताते चलें कि इंडोनेशिया की कुल आबादी 286 मिलियन है, जो दुनिया में चौथे नंबर पर है। जकार्ता की आबादी में बढ़ोतरी ज़्यादातर माइग्रेशन की वजह से हुई है। इस तेज़ी से बढ़ती आबादी ने शहर को गंभीर एनवायरनमेंटल संकटों में डाल दिया है।
इन हालात को देखते हुए इंडोनेशिया ने राजधानी को जकार्ता से बोर्नियो आइलैंड पर शिफ्ट करने और एक नया शहर, नुसंतारा बनाने का प्लान बनाया है। यह शहर एक स्मार्ट फॉरेस्ट सिटी के तौर पर बनाया जा रहा है, जिसमें मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और बहुत सारी हरी-भरी जगहें होंगी।
यूएन का यह भी कहना है कि ढाका सदी के मध्य तक दुनिया का सबसे बड़ा शहर बन सकता है, जबकि टोक्यो 2025 में तीसरे स्थान से गिरकर 2050 तक सातवें स्थान पर पहुंच सकता है। यूएन की यह रिपोर्ट 18 नवंबर को जारी हुई है जो 2018 के बाद पहला अपडेट है। 2018 में टोक्यो दुनिया का सबसे बड़ा शहर था और जकार्ता 33वें स्थान पर था। मगर अब जकार्ता नंबर वन पर है और मिस्र का काहिरा टॉप 10 में शामिल एकमात्र गैर-एशियाई शहर है।















