भारत ने क़ैदी स्थानांतरण के लिए 31 देशों के साथ किया द्विपक्षीय करार- विदेश मंत्रालय

विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि विदेश में बंद भारतीय कैदियों को उनकी सजा की शेष अवधि पूरी करने के लिए भारत स्थानांतरित किया जा सकता है। 

भारत ने क़ैदी स्थानांतरण के लिए 31 देशों के साथ किया द्विपक्षीय करार- विदेश मंत्रालय

द्विपक्षीय समझौतों के तहत भारत ने 31 देशों के साथ हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते में विदेश में बंद सजायाफ्ता भारतीय कैदियों को उनकी सजा की शेष अवधि पूरी करने के लिए उनके देश स्थानांतरित किया जा सकता है।

कैदियों के स्थानांतरण के से जुड़े 31 देशों से द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर के आधार पर विदेश में बंद भारतीय कैदियों को उनकी सजा की शेष अवधि पूरी करने के लिए भारत स्थानांतरित किया जाने की मुहिम पर काम चल रहा है। इस बात की जानकारी राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने दी।

विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत ने सजायाफ्ता कैदियों के स्थानांतरण पर 31 देशों के साथ द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। अब विदेश की जेलों में बंद भारतीय क़ैदी अपनी शेष सजा काटने के लिए भारत में स्थानांतरित किये जा सकते हैं।

एक सवाल के जवाब में सिंह ने बताया कि सरकार विदेशी जेलों में बंद भारतीयों सहित अन्य भारतीयों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता देती है।

भारत ने स्थानांतरण को लेकर जिन देशों के साथ समझौता किया उनमें ब्रिटेन सहित ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, बांग्लादेश, बोस्निया और हर्जेगोविना, ब्राजील, बुल्गारिया, कंबोडिया, मिस्र, एस्टोनिया, फ्रांस, ईरान, इस्राइल, इटली, कजाकिस्तान, कोरिया गणराज्य, कुवैत, मालदीव, मॉरीशस, मंगोलिया, कतर, रूस, सऊदी अरब, सोमालिया, स्पेन, श्रीलंका, थाईलैंड, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात और वियतनाम शामिल हैं।

एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2019 से 2024 तक व्यक्तियों विदेश जाने वाले भारतीयों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। इस बारे में साझा आंकड़ों के मुताबिक़, 2019 में विदेश जाने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या 2.69 करोड़ थी, जबकि 8 दिसंबर 2024 तक यह आंकड़ा 2,91,38,915 पहुँच गया।

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