भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादक और तीसरा सबसे बड़ा सोलर पावर उत्पादक बन गया है। यह जानकारी केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने के लिए तेजी से कदम उठा रहा है।

ब्राजील के बेलेम में केंद्रीय मंत्री ने यह बात सामने रखी। उन्होंने यह बयान यूएनएफसीसीसी COP30 के साइडलाइन में हुए इंटरनेशनल सोलर अलायंस- स्मॉल आइलैंड डेवलपिंग स्टेट्स (आईएसए-एसआईडीएस) प्लेटफॉर्म के हाई-लेवल मिनिस्टीरियल लीडरशिप सेशन में दिया।
भूपेंद्र यादव ने कहा, “भारत दुनिया के कुछ सबसे बड़े ‘सोलर और बैटरी’ प्रोजेक्ट बना रहा है, जिसमें लद्दाख का एक प्रोजेक्ट भी शामिल है जो पूरे शहर को रोशन करने के लिए क्लीन एनर्जी स्टोर करेगा।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में स्थापित ऊर्जा क्षमता 500 गीगावाट के आंकड़े को पार कर चुकी है। इसमें से 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा रिन्यूएबल सोर्स से आता है, जो कि एनडीसी के लक्ष्य से पांच वर्ष पहले है।
केन्द्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सेशन में सरकार की पीएम सूर्य घर रूफटॉप सोलर प्रोगाम की भी जानकारी दी और बताया कि इसे 20 लाख से ज्यादा परिवार अपना चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि खेती के लिए सोलर हमारे किसान समुदाय के लिए एक नई किरण है।
यह इवेंट ‘यूनाइटिंग आइलैंड्स, इंस्पायरिंग एक्शन– लीडरशिप फॉर एनर्जी सिक्योरिटी’ थीम के तहत ऑर्गनाइज किया गया था। जहाँ केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ऐसे मॉडल एसआईडीएस के लिए डीजल इंपोर्ट कम करने, एनर्जी की लागत कम करने और क्लाइमेट रेजिलिएंस को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री जनमन स्कीम का ज़िक्र करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इसके जरिए दूर-दराज और जंगली इलाकों को रोशन करने की कोशिशों और एनर्जी स्टोरेज में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है। साथ ही उन्होंने सोलर पंप और सोलराइज्ड फीडर खेती को अधिक भरोसेमंद बनाने की बात भी कही। बताते चलें कि ये खेती की सभी जरूरतों के लिए दिन में सोलर से चलने वाली साफ एनर्जी देते हैं।









