इग्नू यानी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय ने दो अभिनव SWAYAM ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इस पहल को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया जा रहा है।

ये पाठ्यक्रम ओडिशा की अद्भुत कला के रूप में दशकों से अपनी विशेष पहचान बनाए हुए हैं। विश्वविद्यालय द्वारा ये ऑनलाइन पाठ्यक्रम विश्वप्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट और पद्मश्री सम्मानित सुदर्शन पटनायक के सहयोग से किये गए हैं। इन पाठ्यक्रमों के नाम हैं —”इंट्रोडक्शन टू सैंड आर्ट” और “प्रिंसिपल्स एंड फॉर्मैट्स ऑफ सैंड आर्ट”।
बताते चलें कि सुदर्शन पटनायक ने इन दोनों ही पाठ्यक्रमों को स्वयं तैयार और प्रस्तुत किया है। इन पाठ्यक्रमों को सभी आयु वर्ग और पृष्ठभूमि के शिक्षार्थियों के लिए ध्यान रखते हुए डिज़ाइन किया गया है।
इस पाठ्यक्रम को प्रस्तुत किए जाने का उद्देश्य दृश्य कला के क्षेत्र में संरचित शिक्षण मार्ग प्रदान करना है। पाठ्यक्रम के माध्यम से जहाँ एक ओर रचनात्मकता को प्रोत्साहन मिलेगा वहीँ इसकी बदौलत भारतीय कला को वैश्विक मंच पर बढ़ावा दिया जा सकेगा।
इन पाठ्यक्रमों का शुभारंभ इग्नू मुख्यालय, नई दिल्ली में आयोजित एक संयुक्त कार्यक्रम में किया गया। इस आयोजन में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफ़ेसर उमा कंजिलाल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सुदर्शन पटनायक ने बताया कि सैंड आर्ट को वैश्विक स्तर पर भारतीय रचनात्मकता का प्रतीक बनाना उनका सपना था। आगे उन्होंने कहा कि अब इग्नू और SWAYAM के जरिए हम हजारों लोगों को कहीं से भी इस कला को सीखने का अवसर दे रहे हैं।
इन दोनों पाठ्यक्रमों में वीडियो व्याख्यान, डेमोंस्ट्रेशन, और प्रायोगिक असाइनमेंट शामिल हैं। कोर्स पूरा करने पर प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा। शुरुआती कोर्स में मूल उपकरणों और तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि उन्नत पाठ्यक्रम में बड़े आकार की रचनाओं और रेत के जरिए कहानी कहने की कला सिखाई जाएगी।
पाठ्यक्रम में दिलचस्पी रखने वाली विद्यार्थी नामांकन के लिए SWAYAM की आधिकारिक वेबसाइट onlinecourses.swayam2.ac.in पर संबंधित जानकारी हासिल कर सकते हैं।















