च्युइंगगम के शौक़ीन है तो सचेत हो जाएं

एक नए अध्ययन से पता चलता है कि जो लोग नियमित रूप से च्युइंगगम चबाते हैं, उनके द्वारा हर साल करोड़ों माइक्रोप्लास्टिक कण निगले जाने की संभावना होती है।

If you are fond of chewing gum, be alert

अध्ययन से पता चलता है कि हमारे शरीर में इन खतरनाक प्लास्टिक कणों के जमा होने से कोशिकाओं और डीएनए को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे आनुवंशिक प्रक्रियाओं (genetic processes) में परिवर्तन हो सकता है और कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

शोध टीम के प्रमुख और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजिल्स (यूसीएलए) में इंजीनियरिंग प्रोफेसर संजय मोहंती कहते हैं- “हमारा लक्ष्य किसी को डराना नहीं है। लेकिन हम जानते हैं कि हम रोज़मर्रा की ज़िंदगी में प्लास्टिक के संपर्क में आते हैं, और यही हम यहाँ जाँचना चाहते थे।”

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में किए गए नवीनतम अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया है कि च्युइंगगम चबाने से लार में माइक्रोप्लास्टिक्स निकलते हैं, जो बाद में शरीर में प्रवेश कर पाचन तंत्र में पहुंच जाते हैं।

प्रयोगशाला में एक व्यक्ति ने 4 मिनट तक गम के टुकड़े को चबाया, हर 30 सेकंड में लार के नमूने बनाए, फिर साफ पानी से अंतिम बार मुंह धोया। ये सभी एक ही नमूने में मिल गए।

दूसरे प्रयोग में गम के प्रत्येक टुकड़े से माइक्रोप्लास्टिक की दर को देखने के लिए 20 मिनट से अधिक समय तक लार के नमूने एकत्र किए गए। फिर, शोधकर्ताओं ने प्रत्येक लार के नमूने में मौजूद माइक्रोप्लास्टिक की संख्या को मापा।

च्युइंगगम का एक सामान्य टुकड़ा 2 से 6 ग्राम के बीच वजन का होता है, जिसका मतलब है कि गम का एक बड़ा टुकड़ा 3,000 तक प्लास्टिक कण छोड़ सकता है। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि अगर औसत व्यक्ति प्रति वर्ष 160 से 180 छोटे गम चबाता है, तो उसके शरीर में लगभग 30,000 माइक्रोप्लास्टिक्स जा सकते हैं।

औसतन, च्युइंगगम चबाने वाले व्यक्ति के शरीर में हर वर्ष 15 क्रेडिट कार्ड के बराबर प्लास्टिक कण जमा हो जाते हैं।

अध्ययन में इस्तेमाल किए गए उपकरणों और तकनीकों की वजह से 20 माइक्रोमीटर या उससे बड़े माइक्रोप्लास्टिक की पहचान तक ही सीमित था। शोधकर्ता कहते हैं कि यह संभावना है कि लार में छोटे प्लास्टिक कण नहीं पाए गए और च्यूइंग गम से नैनो आकार के प्लास्टिक के संभावित उत्सर्जन का आकलन करने के लिए अतिरिक्त शोध की आवश्यकता है।

माइक्रोप्लास्टिक प्लास्टिक के छोटे कण होते हैं जिनका आकार पांच मिलीमीटर से भी कम होता है। ये कण लगभग हर चीज़ में पाए जा सकते हैं, जिनमें हवा, पानी, भोजन और च्युइंग गम शामिल हैं।

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