दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन का नाम ‘गूगल’ कैसे पड़ा?

अमरीकी टेक्नोलॉजी कंपनी ‘गूगल’ को दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन माना जाता है, लेकिन लोगों को आश्चर्य होता है कि इसका नाम कैसे पड़ा और इस नाम का मतलब क्या है।

दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन का नाम 'गूगल' कैसे पड़ा?

यह बहस तब शुरू हुई जब इंटरनेट पर एक व्यक्ति ने सवाल पूछा कि क्या ‘Google’ शब्द एक संक्षिप्त शब्द है?

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेट पर कंपनी के नाम को लेकर चर्चा शुरू होने के बाद कई लोगों ने कंपनी के नाम को लेकर रिसर्च करना शुरू किया और फिर अलग-अलग थ्योरी सामने आईं, जिनमें से एक यह भी है कि गूगल दरअसल ‘ग्लोबल ऑर्गनाइजेशन ओरिएंटेड ग्रुप लैंग्वेज ऑफ अर्थ’ (Global Organization of Oriented Group Language of Earth) का संक्षिप्त रूप है।

जबकि एक और लोकप्रिय सिद्धांत यह है कि जब Google के संस्थापक लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन कंपनी का नाम रखने के बारे में सोच रहे थे, तो किसी ने उन्हें कंपनी का नाम ‘गूगोल’ रखने का सुझाव दिया, लेकिन एक दोस्त ने गलती से ‘Google’ शब्द लिख दिया, जिसके बाद लैरी पेज ने यह नाम रखने का फैसला किया कंपनी का नाम ‘Google’ रखें।

दरअसल, ‘गूगोल’ एक गणितीय शब्द है जिसका इस्तेमाल गणित में 1 के बाद 100 शून्य वाली बड़ी संख्या के लिए किया जाता है। यह गणितीय शब्द 1920 में अमेरिकी गणितज्ञ एडवर्ड केसनर के 9 वर्षीय भतीजे मिल्टन सिरोटा द्वारा गढ़ा गया था।

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