फ्लोरिडा के आसमान में कैसे बना चमकता जेलीफिश क्लाउड

फ्लोरिडा के आसमान में चमकता हुआ जेलीफिश जैसा बादल नज़र आया। पूर्वी तट के लोग इसे देख कर हैरान रह गए। इस सुन्दर नज़ारे का राज़ था स्पेस एक्स द्वारा फाल्कन 9 रॉकेट का लॉन्च किया जाना। अमेरिका के फ्लोरिडा के आसमान में यह दृश्य 13 अक्टूबर 2026 यानी बीते मंगलवार की सुबह देखा गया।

उस समय फॉल्कन 9 रॉकेट ने लॉन्च होते ही एक चमकता हुआ बादल बना दिया, जो एक जेलीफिश जैसा नज़र आ रहा था। यह ऐसा नज़ारा था जो आमतौर पर कभी देखने को नहीं मिलता।

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, अमरीकी पूर्वी तट भोर में उठने वाले लोग इस नायाब नज़ारे को देखने के गवाह बने। इस जेलीफिश क्लाउड की पिक्चर्स नासा ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से साझा की हैं। नासा द्वारा साझा की गई इन तस्वीरों पर बड़ी संख्या में प्रतिक्रिया भी आई है। इन लोगों ने जवाब देने के साथ अपनी-अपनी पिक्चर्स भी साझा की हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़, फॉल्कन 9 रॉकेट सुबह 6:30 बजे लॉन्च किया गया। यह दोपहर 4:30 बजे भारतीय समय पर केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन के स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स 40 से भेजा गया था।

स्पेसएक्स का यह फॉल्कन 9 रॉकेट अटलांटिक महासागर के ऊपर उत्तर-पूर्व दिशा में गयारॉकेट में वैज्ञानिक प्रयोग के साथ खाने-पीने का सामान और आईएसएस पर रहने वाले अंतरिक्ष यात्रियों के लिए आवश्यक उपकरण थे। यह स्पेसएक्स का 35वां कमर्शियल रीसप्लाई मिशन था।

अब इस जेलीफिश क्लाउड बनने का कारण भी जान लेते हैं। दरअसल रॉकेट के ऊंचाई पर पहुंचने पर उसका धुआं फैल जाता है। यह धुआं छोटे-छोटे बर्फ के क्रिस्टल में बदल जाता है और जब सूरज की रोशनी इन क्रिस्टल्स से टकराकर वापस लौटती है तो पूरा बादल अंधेरे आसमान में चमकने लगता है। देखने वालों को ऐसा लगता है कि कोई जेलीफिस जैसा आकार चमक रहा है।

क्यूंकि यह लॉन्च सूर्योदय से 48 मिनट पहले हुआ था। उस समय जमीन पर अंधेरा था, जबकि सूरज की किरणें ऊंचाई पर पहले ही पहुंच चुकी थीं। यही वजह थी कि यह दृश्य बेहद साफ और चमकदार नज़र आ रहा था। यह दृश्य केवक सुबह या शाम के समय ही देखा जा सकता है। इस लॉन्च का लुत्फ़ जॉर्जिया से लेकर न्यूयॉर्क तक के लोगों ने लिया।

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