दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से उत्तर की तरफ बढ़ रहा है। इस बेच उत्तरी राज्यों में लगातार आंधी-बारिश का माहौल बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर-पूर्व भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ मौसम बिगड़ने की आशंका है।
इस बीच भारतीय मौसम विभागने पहली जून को देश के 20 से अधिक राज्यों में आंधी, बिजली और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, केरल की ओर मानसून तेजी से बढ़ रहा है। विभाग द्वारा जारी सूचना के मुताबिक़, इस सप्ताह उत्तर-पूर्वी भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में छिटपुट भारी वर्षा की संभावना है। साथ ही देश में उष्ण लहर की स्थिति में कमी आई है।
मौसम विभाग द्वारा साझा जानकारी के मुताबिक़, 8 घंटों के अंदर 17 राज्यों में तूफानी आंधी-बारिश होने की उम्मीद है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लखनऊ सहित कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, मेरठ, नोएडा, बरेली, मुरादाबाद, झांसी में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना। पश्चिमी यूपी के जिलों में आंधी का असर अधिक रह सकता है।
बीते दिन यानी रविवार को उत्तर प्रदेश में तेज आंधी-बारिश का माहौल रहा। अब मौसम विभाग ने आज यानी पहली जून के लिए भी राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पश्चिमी यूपी के अलावा उत्तराखंड से सटे क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना। इस बीच 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत के उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान में बारिश का दौर जारी रह सकता है। जबकि दक्षिण भारत के लगभग सभी राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस बीच मध्य और पश्चिम भारत के 5 राज्य मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र भी प्रभावित रहेंगे। पूर्वी भारत के 5 राज्यों बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने मानसून को लेकर जो अपडेट जारी किया है, उसके मुताबिक़, मानसून की रफ्तार बनी हुई है। अगले 3-4 दिनों के दौरान मानसून के दक्षिण-पूर्व अरब सागर, लक्षद्वीप, केरल, तमिलनाडु के कुछ और हिस्सों तथा बंगाल की खाड़ी के बड़े हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। देश के जिन हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज़ होंगी उनमें केरल, तमिलनाडु, लक्षद्वीप और दक्षिण भारत के इलाके हैं। वहीँ बंगाल की खाड़ी में मानसून का विस्तार पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भी बारिश बढ़ने के संकेत दे रहा है।