इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में इजराइल के खिलाफ सुनवाई 11 जनवरी को

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में इजरायल के खिलाफ दायर अर्जी पर सुनवाई 11 और 12 जनवरी को होगी। दूसरी तरफ अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर का कहना है कि गाजा फिलिस्तीनी क्षेत्र है और रहेगा।

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में इजराइल के खिलाफ सुनवाई 11 जनवरी को

इस संबंध में दक्षिण अफ्रीकी अधिकारी ने कहा है कि दक्षिण अफ्रीका का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील सुनवाई की तैयारी कर रहे हैं। अरब मीडिया के मुताबिक, याचिका में कहा गया है कि इजरायल, फिलिस्तीनी लोगों के नरसंहार में शामिल है।

गौरतलब है कि पिछले साल के अंत में दक्षिण अफ़्रीका ने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में इसराइल के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज की थी।

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति राम फोसा ने कहा कि शिकायत इजरायली युद्ध अपराधों की जांच के लिए दायर की गई थी। उन्होंने कहा कि इजराइल गाजा पट्टी में युद्ध अपराध और नरसंहार कर रहा है जबकि अस्पताल और बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया गया है।

दक्षिण अफ़्रीकी राष्ट्रपति ने कहा कि हज़ारों फ़िलिस्तीनी मारे गए हैं, इस बुनियाद पर उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय से इज़रायली युद्ध अपराधों की जाँच की उम्मीद की है।

इजरायली मंत्रियों द्वारा फिलिस्तीनियों को गाजा छोड़ने के दिए गए बयान की अमरीका में भी निंदा की गई है। इस संबंध में अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा है कि अमरीका इजरायली मंत्रियों के बयान की कड़ी निंदा करता है।

मैथ्यू मिलर का कहना है कि इजरायली मंत्रियों का बयान भड़काऊ और गैरजिम्मेदाराना है। अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा कि हमास का कोई भविष्य नहीं है।उनका यह भी कहना है कि अब कोई भी आतंकवादी समूह इजराइल के लिए खतरा नहीं है। गौरतलब है कि मंगलवार को 2 इजरायली मंत्रियों ने फिलिस्तीनियों से गाजा छोड़ने को कहा था।

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