पाटीदार समूहों में खींचतान की वजह से 12वें दिन भी जारी रहा हार्दिक पटेल का अनशन, घटा 20 kg वजन

हार्दिक पटेल का 12 दिनों से जारी अनशन बुधवार को भी खत्म नहीं हो सका. इस मुद्दे के समाधान के लिए कुछ पाटीदार संगठनों ने मंगलवार को राज्य के मंत्रियों से मुलाकात की थी, जिसके बाद हार्दिक के नेतृत्व वाले पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (PAAS) ने इन संगठनों पर बीजेपी के एजेंट होने का आरोप लगाया है.

अब पाटीदार संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा है कि अब वे इस मामले में तब तक मध्यस्थता नहीं करेंगे जब तक PAAS उन्हें लिखित में इसका अधिकार नहीं देती.

डॉक्टरों ने मंगलवार को हार्दिक पटेल के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जाहिर की थी. जिसके कुछ घंटों बाद राज्य की बीजेपी सरकार ने गांधीनगर में पाटीदार समुदाय के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक की थी. बता दें कि 11 दिनों में हार्दिक का करीब 20 किलो वजन कम हो गया है. हार्दिक ने किसानों की कर्ज माफी और सरकारी नौकरियों और शिक्षा के क्षेत्र में ओबीसी वर्ग के तहत पाटीदार समुदाय के लिए आरक्षण की मांगों को लेकर 25 अगस्त को अनशन शुरू किया था.

बुधवार को मीडिया से बातचीत में PAAS के कन्वीनर मनोज पनारा से ने विश्व उमिया फाउंडेशन के सीके पटेल पर बीजेपी के लिए काम करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘राज्य सरकार से बातचीत की पहल करने वाले सीके पटेल या कोई और नेता ने यहां आकर हार्दिक पटेल से मुलाकात नहीं की है. उन्होंने राज्य सरकार से मिलने से पहले PAAS से न मुलाकात की और न ही इस बारे में कोई चर्चा की. हमें उम्मीद है कि पाटीदार आरक्षण आंदोलन में सीके पटेल विलेन बनना नहीं चाहेंगे.’
PAAS के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सीके पटेल ने कहा कि अब से पाटीदार समुदाय या संगठनों का कोई नेता हार्दिक के अनशन को लेकर राज्य सरकार से मध्यस्थता नहीं करेगा. उन्होंने कहा, ‘अब से कोई भी नेता मध्यस्थता नहीं करेगा. अगर PAAS हमें लिखित में देता है कि उन्हें मध्यस्थता की आवश्यकता है केवल तभी हम सरकार से बातचीत के बारे में विचार करेंगे.’

पटेल ने आगे कहा कि सरकार छह पाटीदार संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की थी और उनसे PAAS की तरफ से मौखिक संपर्क किया गया था. उन्होंने कहा, ‘मैं आंदोलन कर रहे पाटीदार युवाओं से कहना चाहूंगा कि आरक्षण के लिए लड़ाई में हम सबको साथ आना होगा. पूरे पाटीदार समुदाय को संगठित होना होगा. हमने तय किया है कि युवाओं को संघर्ष जारी रखने दिया जाए. जरूरत पड़ी तो हम आगे आएंगे लेकिन इसके लिए PAAS की ओर से लिखित निवेदन अनिवार्य होगा.’

हार्दिक पटेल ने मंगलवार देर रात बयान जारी किया था कि आंदोलन को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं. उन्होंने बीजेपी पर सीधा आरोप लगाया कि वह उनके अनशन को बदनाम करने के लिए पाटीदार आंदोलन के नाम पर हिंसा भड़काने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा, ‘हर किसी को सावधान रहने की जरूरत है. बीजेपी अपना खेल खेलेगी. मैं राज्य के किसानों और युवाओं से अपील करता हूं कि वे किसी भी तरीके से पुलिस से उलझने से बचें.’
Hardik Patel

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