सरकार की ओर से इंडिगो एयरलाइन की उड़ानों में दस फीसद कटौती का निर्देश दिया गया है। इससे पहले डीजीसीए ने एयरलाइन को उड़ानों में 5% कटौती का आदेश दिया था। विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। पिछले सप्ताह एयरलाइन खराब मैनेजमेंट के कारण यात्रियों को हुई भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

मंत्रालय की तरफ से यह भी स्पष्ट किया है कि 10% की कटौती का उद्देश्य एयरलाइन के सिस्टम पर दबाव कम करना है ताकि जो भी उड़ानें शेड्यूल में रहें, वे समय पर और बिना रद्द हुए चल सकें।
नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू द्वारा उनके सोशल मीडिया हैंडल पर साझा जानकारी के मुताबिक़, इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को मंगलवार को विमानन मंत्रालय में तलब किया गया, जहां उन्होंने हालात को स्थिर करने के लिए किए जा रहे उपायों पर अपडेट दिया। सीईओ ने पुष्टि की है कि 6 दिसंबर तक प्रभावित उड़ानों के लिए 100% रिफंड की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। मंत्रालय की ओर से शेष रिफंड और यात्रियों के फंसे हुए सामान को जल्द से जल्द सौंपने के सख्त निर्देश दिए हैं। इंडिगो को किराया सीमा और यात्री सुविधा उपायों सहित मंत्रालय के सभी निर्देशों का बिना किसी एतराज़ के पालन करने को कहा गया है।
इंडिगो को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह उच्च मांग वाले रूट्स पर भी संचालन को सुचारू रखे और किसी भी सेक्टर पर सेवा पूरी तरह बंद न करे।
डीजीसीए द्वारा इंडिगो को आधिकारिक नोटिस जारी करते हुए कहा गया है कि विंटर शेड्यूल के तहत नवंबर 2025 के लिए एयरलाइन को प्रति सप्ताह 15,014 प्रस्थान और कुल 64,346 उड़ानों की मंजूरी दी गई थी। हालांकि, परिचालन आंकड़े बताते हैं कि इंडिगो केवल 59,438 उड़ानें ही संचालित कर पाई। नवंबर में एयरलाइन की 951 उड़ानें रद्द की गईं।
समर शेड्यूल 2025 की तुलना में इंडिगो को विंटर शेड्यूल में 6% के इजाफे की अनुमति दी गई थी, यह जानकारी भी नोटिस से सामने आई। इसके तहत 403 विमानों के उपयोग की मंजूरी थी। लेकिन एयरलाइन अक्तूबर 2025 में केवल 339 और नवंबर 2025 में 344 विमान ही संचालित कर सकी।
डीजीसीए का कहना है कि एयरलाइन ने 2024 की सर्दियों की तुलना में अपने प्रस्थान में 9.66% और इस वर्ष के गर्मियों के शेड्यूल की तुलना में 6.05% की वृद्धि की थी, लेकिन वह इस शेड्यूल का कुशलतापूर्वक संचालन नहीं कर सकी। जबकि
डीजीसीए ने अपने आदेश में कहा, “एयरलाइन को अपने शेड्यूल को 5% तक घटाने का निर्देश दिया जाता है, यह कटौती विशेष रूप से अधिक मांग और अधिक फेरों वाले उड़ानों में हो। साथ ही, इंडिगो को किसी रूट पर जारी एकल उड़ानों को बंद करने से बचना चाहिए।”
इसके जवाब में इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने इन हालत के लिए दिल से माफ़ी मांगते हुए कहा कि एयरलाइन संकट के दौर के बाद एक बार फिर अपने पैरों पर खड़ा हो गया है। इंडिगो सीईओ ने वीडियो के जरिए बयान जारी कर कहा, “हम परेशानियों से गुजरे, यात्रियों को परेशानी हुई। इसके लिए हम माफी चाहते हैं। हवाई यात्रा की खुबसूरती यह है कि यह लोगों को, इमोशन और एंबीशन को साथ लाती है। हम जानते हैं कि आप अलग-अलग कारणों से यात्रा करने वाले थे, पर आप से हजारों ऐसा नहीं कर पाए।
इसके आठ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरी इंडिगो टीम कड़ी मेहनत कर रही है। सबसे पहले हमारी प्राथमिकता हमारे मूल्यवान ग्राहकों को सुरक्षित तरीके से उन्हें उनके घर पहुंचना है। साथ ही उन्होंने बड़े पैमाने पर रिफंड जारी किए जाने की बात भी सामने रखी। उन्होंने यह भी बताया कि हवाई अड्डों पर फंसे अधिकतर लगेज यात्रियों के घर पहुंचाए जा रहे हैं और शेष भी जल्द ही ग्राहकों के घर तक पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है।
गौरतलब है कि वर्तमान में एयरलाइन के पास 434 विमानों का बेड़ा है। इसने 920 से अधिक नए विमानों का ऑर्डर भी दे रखा है। इंडिगो हर दिन 2,200 से अधिक उड़ानें संचालित करती है। 3.2 लाख से अधिक यात्रियों को हवाई सफर करवाती है। यह 128 गंतव्यों के लिए अपनी सेवाएं देती है।
राजस्व की बात करें तो वित्त वर्ष 2025 के लिए एयरलाइन का राजस्व लगभग ₹80,803 करोड़ रुपये रहा। नवंबर 2024 से इंडिगो ने प्रत्येक माह लगातार एक करोड़ से अधिक यात्रियों को हवाई सफर कराया है। वित्त वर्ष 2025 में कुल 11.9 करोड़ यात्रियों ने इंडिगो से सफर किया, जो पिछले साल के मुकाबले 12.5% अधिक है।















