जी7 देशों ने ईरान युद्ध में आम लोगों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले तुरंत रोकने की मांग की है। जी7 विदेश मंत्रियों की मीटिंग के जॉइंट स्टेटमेंट में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि इस लड़ाई का असर रीजनल पार्टनर्स, आम लोगों और ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर कम से कम हो।
मीटिंग में होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और टोल-फ्री नेविगेशन की आज़ादी फिर से शुरू करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया गया। पेरिस में जी7 विदेश मंत्रियों की मीटिंग में सऊदी अरब, ब्राज़ील, साउथ कोरिया, इंडिया और यूक्रेन ने भी हिस्सा लिया।
बताते चलें कि ‘ग्रुप ऑफ़ सेवन’ को जी7 के नाम से जाना जाता है। यह दुनिया की सात ‘अत्याधुनिक’ अर्थव्यवस्थाओं का एक गठजोड़ है। ग्लोबल ट्रेड और अंतरराष्ट्रीय फ़ाइनेंशियल सिस्टम पर मज़बूत पकड़ रखने वाले इस समूह में कनाडा, फ़्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमरीका शामिल हैं।
फ़्रांस के विदेश मंत्री ज्यां नोएल बारो ने जी7 के हवाले से ईरान में जारी जंग के प्रभाव को कम करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। साथ ही उन्होंने आगे कहा जी7 नागरिक बुनियादी ढांचे और आम लोगों पर हो रहे हमलों को फ़ौरन रोकने की मांग करता है।
उन्होंने उत्तरी फ़्रांस के वो-दे-सेर्नी में अपने समकक्षों के साथ बैठक के बाद इन हमलों को को गलत बताते हुए कहा कि नागरिकों की पूरी तरह सुरक्षा की जानी चाहिए। इस दौरान उन्होंने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में जहाज़ों की स्वतंत्र और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए जी7 के प्रयासों को भी दोहराया।