त्यौहार और शादियों के सीज़न की आमद के साथ एफएसएसएआई, एनालॉग पनीर को लेकर सख्त कदम उठाने की तयारी में। इसके लिए 24 सितंबर को राज्यों के साथ बैठक के बाद सहमति बनने पर देशभर में बैन को लेकर कार्यवाई हो सकती है।
एनालॉग पनीर एक कृत्रिम या नकली पनीर होता है। इसे असली दूध के बजाए वनस्पति तेल, स्टार्च, मिल्क पाउडर सहित कई केमिकल की मदद से बनाया जाता है। हालाँकि इस पर अभी बैन लागू नहीं किया गया है, मगर इसकी तैयारी चल रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुतबिक, एनालॉग पनीर को लेकर अब फूड सेफ्टी अथॉरिटी का रुख सख्त हुआ है। बताते चलें कि कई राज्यों में पहले ही इस तरह के पनीर पर कारवाई की जा चुकी है और अब इसे देश भर में बैन करने की तैयारी की जा रही है।
एनालॉग पनीर को लेकर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक सहित कई राज्यों में कार्रवाई हुई है। एफएसएसएआई (FSSAI) के मुताबिक, अभी पूरे देश में एनालॉग पनीर पर बैन लागू नहीं हुआ है।
एनडीटीवी की एक खबर के अनुसार, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सीईओ राजित पुन्हानी 24 सितंबर को सभी राज्यों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद राज्यों से सहमति बनने के बाद देशभर में एनालॉग पनीर पर बैन लगाने का फैसला किया जा सकता है।
एफएसएसएआई पहले ही साफ कर चुका है कि चीज़ एनालॉग को पनीर के नाम पर लेबल लगाकर बेचना नियमों का उल्लंघन है। देशभर में एनालॉग पनीर पर प्रतिबन्ध लागू होने पर देशभर में ऐसे में रेस्टोरेंट, होटल, कैटरिंग और दूसरे फूड बिजनेस को अपने इस्तेमाल किए जा रहे पनीर की जांच करनी पड़ सकती है। ऐसे में रेस्टोरेंट को अपने पनीर की सप्लाई और सोर्स की जांच करनी होगी। इसके अलावा मेन्यू में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की सही जानकारी भी देनी होगी। बताते चलें कि ऑनलाइन फूड प्लेटफॉर्म भी ऐसे उत्पादों को लेकर सख्ती कर रहे हैं।
साथ ही ग्राहकों को खरीदारी के समय पैकेट पर दिए गए इंग्रीडिएंट्स जरूर पढ़ने की सलाह दी गई है। ‘Analogue’ या ‘Non-dairy’ जैसे शब्द होने पर उसे असली दूध वाला पनीर न समझें। साथ ही खुले में बिकने वाले संदिग्ध और कम कीमत के पनीर से भी सावधान रहें।