यूपी एसटीएफ ने 10 जालसाजों को पकड़ा, 40 रुपए में बनाते थे डुप्लीकेट आधारकार्ड

लखनऊ.यूपी एसटीएफ ने रविवार को 10 ऐसे जालसाजों को पकड़ा है, जो 40 रुपए में डुप्लीकेट आधारकार्ड बनाकर बेच रहे थे। इनके पास से कई लैपटॉप, मोबाइल, प्रिंटिंग मशीन समेत फिंगर स्कैनर डिवाइन भी बरामद हुई है। ये सभी लोग यूपी के अलग-अलग जिलों में सक्रिय थे। इनका मास्टर माइंड कानपुर का रहने वाल सौरभ सिंह है। साइबर क्राइम थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा…
बता दें, पिछले दिनों एसटीएफ को ये जानकारी मिली थी कि प्रदेश के कई शहरों में टैम्पर्ड क्लाइंट एप्लिकेशन के माध्यम से फर्जी आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। इस जानकारी पर यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के डिप्टी डायरेक्टर ने साइबर क्राइम थाना लखनऊ में केस भी दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस और एसटीएफ की टीम इस गिरोह के जालसाजों की तलाश में जुट गई।
कुछ दिनों बाद एसटीएफ को जानकारी मिली कि कानपुर के बर्रा का रहने वाला सौरभ इस गिरोह का मास्टरमाइंड है। इस जानकारी पर एसटीएफ ने सौरभ को ट्रैक किया और उसके हर मूवमेंट पर नजर रखी।
कंफर्म होने के बाद वो फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का संचालन कर रहे आरोपी को कानपुर से अरेस्ट कर लिया गया। उसके साथ उसके 9 साथियों को भी अरेस्ट किया गया।
एसटीएफ आईजी अमिताभ यश ने बताया कि पकड़े गए जालसाज पूर्व में आधार कार्ड बनाने वाली यूआईडीएआई कंपनी में काम करते थे। कंपनी यूआईडीएआई ने शुरुआत में जिस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर आधार कार्ड बनाना शुरू किया था, उसमे सुरक्षा के लिहाजा से कुछ खामिया आ गई थी। लिहाजा कंपनी ने पुराने सॉफ्टवेयर को बदल दिया। इसी का फायदा उठाकर जालसाजों ने पुराने सॉफ्टवेयर को हैक कर आधार कार्ड बनाने का खेल शुरू कर दिया था। गिरोह प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 6 महीने से एक्टिव थे। इनका मेन मोटिव जालसाजी कर ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाना था।
एसटीएफ का कहना था कि आरोपियों ने सैकड़ों हजारों लोगों का आधार कार्ड बनाया है। एक कार्ड बनाने के लिए 40 रुपए लिए जाते थे। चार्ज इसलिए नहीं बढ़ाया गया, क्योंकि भारत सरकार से अधिकृत कंपनी यूआईडीएआई आधार कार्ड के लिए 40 रुपए की फीस लेती है। जालसाज दूसरे की आईडी और अंगूठे का निशान लेकर दूसरे का आधार कार्ड भी तैयार कर देते थे।
जालसाज कई बैंक खातों से रकम भी निकाल चुके हैं। हालांकि अभी तक इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है कि कितने लोगों को चूना लगाया गया है। एसटीएफ द्वारा जालसाजों की गिरफ्तारी के बाद यह सवाल उठने लगा है कि आधार कार्ड कितना सुरक्षित रह गया है। दरअसल, हर बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक कर दिया गया है। हालांकि आधार कार्ड बनाने वाली कंपनी यूआईडीएआई का कहना है कि लोगों के आधार पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

 

 

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